
अब भारतीयों का विदेशों में नौकरी पाना होगा आसान, अनुराग ठाकुर ने इस योजना का किया शुभारंभ
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'तेजस’ का उद्देश्य भारतीय कामगारों को कुशल बनाने के साथ-साथ यूएई की बाजार आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाना है. इस परियोजना का उद्देश्य भारतीयों को कुशल बनाना, प्रमाण पत्र प्रदान करना और विदेश में रोजगार का अवसर प्रदान करना है.
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर दुबई यात्रा पर हैं. अपनी यात्रा के दूसरे दिन उन्होंने विदेश में रह रहे भारतीयों को प्रशिक्षित करने के लिए एक कौशल भारत अंतर्राष्ट्रीय परियोजना ‘तेजस' का शुभारंभ किया. इस परियोजना का उद्देश्य भारतीयों को कुशल बनाना, प्रमाण पत्र प्रदान करना और विदेश में रोजगार का अवसर प्रदान करना है.
‘तेजस’ का उद्देश्य भारतीय कामगारों को कुशल बनाने के साथ-साथ यूएई की बाजार आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाना है. परियोजना के शुभारंभ के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि राष्ट्र निर्माण और छवि निखारने दोनों में युवा सबसे ज्यादा काम आते हैं. हमारा लक्ष्य इन युवाओं को कुशल बनाकर और दुनिया को भारत की ओर से एक विशाल कुशल श्रमबल उपलब्ध कराने पर है. ‘तेजस’ परियोजना के माध्यम से प्रारंभिक चरण के दौरान संयुक्त अरब अमीरात में 10,000 कुशल कामगार तैयार किए जाएंगे.
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भारत और संयुक्त अरब अमीरात के फिल्म एवं मनोरंजन जगत की उद्योग हस्तियों के साथ भी कई बैठकें की. उन्होंने कबीर खान और प्रियदर्शन जैसी प्रमुख भारतीय फिल्म हस्तियों से भी मुलाकात की. इसके अलावा वह अबू धाबी फिल्म आयोग के फिल्म आयुक्त हंस फ्रैकिन से भी मिले.
अनुराग ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में विश्व पटल पर भारत की धाक जमाने की क्षमता हैय हमारी फिल्म निर्माण उपरांत क्षमताएं और प्रतिभाएं अब किसी से कम नहीं है. इस दौरान उन्होंने दुबई एक्सपो में इंडिया पवेलियन का अवलोकन किया. इस दौरान उन्होंने यूएई सरकार में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी के साथ भी चर्चा की.

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