
अब भड़केगा महायुद्ध! जंग में हुई चीनी युद्धपोतों की एंट्री, ईरान ने बनाया 'स्पेशल 9' प्लान
AajTak
इजरायल की सेना गाजा की सीमा में दाखिल हो चुकी है. ऐसे में इजरायल की सेना की पहला बार हमास के आतंकियों से जमीनी भिड़ंत हुई है. हमास ने इजरायल के सैनिकों पर एंटी टैंक मिसाइलें दागी हैं. अब सवाल खड़ा हो गया है कि इजरायली पीएम नेतन्याहू ने अपनी सेना को गाजा के भीतर घुसने का आदेश दे दिया है तो क्या अब यह महायुद्ध के भड़कने का समय है?
बीते 17 दिनों से गाजा पट्टी पर इजरायल की बमबारी रुकने का नाम नहीं ले रही है. इजरायल जिस तरह से गाजा पर बम बरसा रहा है, उससे इस युद्ध के महायुद्ध में तब्दील होने का अंदेशा जताया जा रहा है. ईरान से लेकर मिडिल ईस्ट के 57 मुल्क यह धमकी दे चुके हैं कि अगर इजरायल की सेना गाजा पट्टी में घुसती है तो युद्ध के नए मोर्चे खुल जाएंगे.
इजरायल की सेना गाजा की सीमा में दाखिल हो चुकी है. ऐसे में इजरायल की सेना की पहला बार हमास के आतंकियों से जमीनी भिड़ंत हुई है. हमास ने इजरायल के सैनिकों पर एंटी टैंक मिसाइलें दागी हैं. अब सवाल खड़ा हो गया है कि इजरायली पीएम नेतन्याहू ने अपनी सेना को गाजा के भीतर घुसने का आदेश दे दिया है तो क्या अब यह महायुद्ध के भड़कने का समय है? ऐसे में ईरान सहित मिडिल ईस्ट की योजना क्या होगी?
इजरायल भी समझ रहा है मिडिल ईस्ट में कहां-कहां से युद्ध के मोर्चे खुल सकते हैं, ऐसे में इजरायल ने सीरिया पर भी हमले करने शुरू कर दिए हैं. सीरिया का कहना है कि इजरायली हमले के वजह से उसे दमिश्क और अलेप्पो में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा है. लेकिन मिडिल ईस्ट के देश फिलिस्तीन के लिए सड़कों पर उतर आए हैं.
क्या होगा तीसरा वर्ल्ड वॉर?
यमन सिर्फ अकेला देश नहीं है बल्कि मिडिल ईस्ट के सभी 57 मुस्लिम देशों में इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. अंदेशा जताया जा रहा है कि युद्ध की यह चिंगारी दुनिया को महायुद्ध की आग में झोंक सकती है. गाजा और इजरायल युद्ध के बीच दुनिया की महाशक्तियां आपने-सामने-खड़ी हो गई हैं. दरअसल बीते 72 घंटे में अमेरिका, चीन और रूस में हुए घटनाक्रम को देखें तो महायुद्ध के संकेत साफ बताए जा रहे हैं.
अगर हालात बिगड़ते हैं तो युद्ध कौन रोकेगा? क्योंकि इस युद्ध में अब चीन और रूस की एंट्री भी हो गई है. युद्ध के बीच अमेरिका के बाद चीन की तरफ से एक दो नहीं बल्कि छह युद्धपोत अरब सागर में बैकअप के लिए पहुंच गए हैं. अरब सागर में चीन के छह युद्धपोतों की मौजूदगी ने दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?







