
अब केमेस्ट्री की किताबों में नहीं पढ़ेंगे पीरियोडिक टेबल, NCERT ने फिर किया सिलेबस में बदलाव
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NCERT ने पाठ्यपुस्तकों से तत्वों के पीरियोडिक क्लासिफिकेशन और चार्ल्स डार्विन के विकास के सिद्धांत के अलावा पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति, मानव विकास और आनुवंशिकता जैसे विषयों को स्थायी रूप से हटा दिया है. मगर इस निर्णय के पीछे का तर्क स्पष्ट रूप से नहीं बताया है.
NCERT Syllabus Change: कक्षा 9वीं और कक्षा 10वीं की साइंस की पाठ्यपुस्तकों से चार्ल्स डार्विन की एवोल्यूशन थ्योरी हटाने के बाद अब NCERT ने 10वीं की केमेस्ट्री की किताबों से आवर्त सारणी यानी पीरियोडिक टेबल हटाने का फैसला किया है. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कोरोना महामारी के दौरान सिलेबस कम करने के लिए अस्थाई रूप से यह कदम उठाया था मगर अब पीरियोडिक टेबल को सिलेबस से स्थाई तौर पर हटाने का फैसला कर लिया गया है.
सिलेबस से हटे कई टॉपिक्स NCERT के इस फैसले पर वैज्ञानिकों और शिक्षकों ने इन महत्वपूर्ण विषयों को पाठ्यक्रम से बाहर करने के दीर्घकालिक प्रभाव के बारे में चिंता व्यक्त की है. एनसीईआरटी ने पाठ्यपुस्तकों से तत्वों के पीरियोडिक क्लासिफिकेशन और चार्ल्स डार्विन के विकास के सिद्धांत के अलावा पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति, मानव विकास और आनुवंशिकता जैसे विषयों को स्थायी रूप से हटा दिया है. मगर इस निर्णय के पीछे का तर्क स्पष्ट रूप से नहीं बताया है.
विशेषज्ञों ने जताई चिंता वैज्ञानिक विषयों को स्थायी रूप से हटाने से वैज्ञानिकों और शिक्षकों में चिंताएं बढ़ गई हैं. उनका कहना है कि आवर्त सारणी रसायन विज्ञान की शिक्षा का आधार है, जो तत्वों और उनके गुणों की एक व्यवस्थित समझ प्रदान करती है. कक्षा 10वीं के पाठ्यक्रम से इसे बाहर करने से छात्रों की आवश्यक रासायनिक सिद्धांतों की समझ में बाधा आ सकती है.
इसी तरह, डार्विन का विकास का सिद्धांत जीव विज्ञान में एक मौलिक अवधारणा है, जो छात्रों को पृथ्वी पर जीवन की परस्पर संबद्धता और विविधता को समझने में सक्षम बनाता है. इस अध्याय को हटाने से हमारी दुनिया को आकार देने वाले जटिल तंत्र को समझने की बच्चों की क्षमता बाधित हो सकती है.

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