
अनंतनाग मुठभेड़ में मारा गया आतंकी उजैर? पहचान के लिए कलेक्ट होगा परिवार का DNA सैंपल
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अनंतनाग में सेना ने शनिवार को एक आतंकी को मार गिराया था. उसके जले हुए शव की बरामदगी के बाद अब आतंकी उज़ैर खान के परिवार के सदस्यों का DNA सैंपल लिया जा सकता है, ताकि उसकी पहचान की जा सके.
जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में आतंकियों के खात्मे के लिए सुरक्षाबलों का ऑपरेशन सोमवार को भी जारी रहेगा. आज ऑपरेशन का छठवां दिन है. 13 सितंबर को कोकरनाग में हुई मुठभेड़ में तीन सपूत शहीद हो गए थे. इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा की शाखा टीआरएफ ने ली थी. बताया जा रहा है कि इस हमले में 10 लाख के इनामी आतंकी उजैर का हाथ है. अनंतनाग में सेना ने शनिवार को एक आतंकी को मार गिराया था. उसके जले हुए शव की बरामदगी के बाद अब आतंकी उज़ैर खान के परिवार के सदस्यों का DNA सैंपल लिया जा सकता है, ताकि उसकी पहचान की जा सके. वरिष्ठ अधिकारी डीजीपी और एडीजीपी के मुठभेड़ स्थल सोमवार को जाने की संभावना है.
वहीं, कोकरनाग में हुई मुठभेड़ के बाद रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल KJS ढिल्लों ने कहा कि शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह, शहीद मेजर आशीष बहुत बहादुर थे. दोनों को कई बार सम्मानित किया गया था. दोनों को आतंकवाद विरोधी अभियानों में बहुत अनुभव था. उन्होंने कहा कि वीर सपूत डीएसपी हुमायूं भट भी बेहद होनहार थे, वह तकनीक-प्रेमी, बुद्धिमान थे और हमेशा आगे बढ़कर नेतृत्व करने में विश्वास करते थे. ये तीन अधिकारी शीर्ष पर थे. हमारे पास भारतीय सेना या जम्मू-कश्मीर पुलिस में ग्रेड अधिकारी थे.
कोकरनाग में चल रहे सर्च ऑपरेशन को लेकर ढिल्लों ने कहा कि मैं बताना चाहता हूं कि ये ऑपरेशन बहुत कठिन क्षेत्रों में किए जा रहे हैं. वहां बहुत घने जंगल हैं. जंगल में ऐसे क्षेत्र हैं जहां सूर्य की किरणें भी जमीन तक नहीं पहुंच पाती हैं. हम खड़ी और टूटी हुई चट्टानी पट्टियों पर ऑपरेशन चला रहे हैं. यह एक ऑपरेशन है जो काफी समय से चल रहा है. उन्होंने कहा कि इस बात की पुष्टि हो गई थी कि वहां आतंकी मौजूद हैं. कमांडिंग ऑफिसर ने इस खुफिया जानकारी के महत्व को समझते हुए खुद ऑपरेशन का नेतृत्व किया था.
बता दें कि मंगलवार को सुरक्षाबलों को अनंतनाग के कोकरनाग में कुछ आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी. इसके बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया था. मंगलवार को रात होने की वजह से इसे रोक दिया गया. बुधवार को सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेर रखा था. जैसे ही सुरक्षाबल के अधिकारी उस जगह पर पहुंचे, जहां आतंकी छिपे हुए थे, तो आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. इस दौरान सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष और जम्मू कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट को गोली लग गई. आनन-फानन में घायल अफसरों हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया, लेकिन इन अधिकारियों को बचाया नहीं जा सका.

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