
अजमेर शरीफ के सूफी प्रतिनिधिमंडल ने खामेनेई की मौत पर व्यक्त की संवेदना, ईरानी एम्बेसी में जताया दुख
ABP News
Ajmer News In Hindi: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन पर अजमेर शरीफ के सूफी प्रतिनिधिमंडल ने संवेदना जताई है. ईरान कल्चर हाउस और ईरानी दूतावास जाकर दुख प्रकट किया.
अजमेर शरीफ स्थित हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती (गरीब नवाज) की दरगाह और भारत की अन्य प्रमुख दरगाहों से आए एक सूफी आध्यात्मिक प्रतिनिधिमंडल ने अयातुल्लाह अली खामेनेई की शहादत पर गहरी संवेदना व्यक्त की. प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में ईरान कल्चर हाउस तथा बाद में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास जाकर दुख जताया है.
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हाजी सैयद सलमान चिश्ती, गद्दी नशीन (दरगाह अजमेर शरीफ) ने किया. ईरान कल्चर हाउस में प्रतिनिधिमंडल ने भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि हकीम इलाही से मुलाकात की. इस दौरान शैख जियाई, सांस्कृतिक काउंसलर ईरानी दूतावास और प्रमुख, ईरान कल्चर हाउस नई दिल्ली भी मौजूद रहे. प्रतिनिधिमंडल ने वहां अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं.
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के दूतावास में जाकर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के डिप्टी हाई कमिश्नर महामहिम डॉ. आगा हुसैनी से मुलाकात की और आधिकारिक कंडोलेंस बुक में अपना संदेश दर्ज किया.
इस सूफी प्रतिनिधिमंडल में हाजी सैयद सलमान चिश्ती, सैयद मेहराज चिश्ती, सैयद दानिश अली, सैयद नूर चिश्ती, सैयद नदीम चिश्ती शामिल थे. दिल्ली की ऐतिहासिक सूफी दरगाहों से भी प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें सैयद जावेद कुतबी (दरगाह हजरत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी), सैयद अनफल निजामी (दरगाह हजरत निजामुद्दीन औलिया), सैयद दानिश नसीरी चिश्ती (दरगाह हजरत नसीरुद्दीन चिराग़-ए-दिल्ली), सैयद सादिक हुसैनी और अन्य सदस्य शामिल थे.













