
अचानक ढह गई पानी की टंकी, नीचे नहा रहे 3 मजदूरों की मौत, 7 की हालत गंभीर
AajTak
पुणे में एक लेबर कैंप में अस्थायी पानी की टंकी गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए. घटना पिंपरी चिंचवड़ टाउनशिप के भोसारी इलाके में उस समय हुई जब कुछ मजदूर पानी की टंकी के नीचे नहा रहे थे.
महाराष्ट्र के पुणे जिले में गुरुवार सुबह एक लेबर कैंप में अस्थायी पानी की टंकी गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए. पुलिस ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह घटना पिंपरी चिंचवड़ टाउनशिप के भोसारी इलाके में उस समय हुई जब कुछ मजदूर पानी की टंकी के नीचे नहा रहे थे.
पिंपरी चिंचवड़ के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त वसंत परदेशी ने कहा, 'ऐसा लगता है कि पानी के दबाव के कारण पानी की टंकी की दीवार फट गई, जिससे टंकी ढह गई.' उन्होंने बताया कि पानी की टंकी के नीचे मौजूद मजदूर मलबे में फंस गए. अधिकारी ने कहा, 'उनमें से तीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया.' हालांकि ये एक अस्थायी पानी टंकी थी लेकिन विशाल पानी टंकी के मामले भी पहले सामने आ चुके हैं.
इसी साल अगस्त में उत्तर प्रदेश के सीतापुर में 'जल जीवन मिशन' योजना के तहत बनी पानी की टंकी ट्रायल के दौरान ही ढह गई. इस घटना के पीछे की वजह टंकी के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल बताया गया. हालांकि, इस बारे में कोई भी अधिकारी सीधे तौर पर बोलने को तैयार नहीं है. फिलहाल, इलाके के एसडीएम अभिनव यादव ने इस घटना को लेकर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेज दी है.
दरअसल, महोली तहसील क्षेत्र के चिथला गांव में जल जीवन मिशन कार्यक्रम के तहत जलापूर्ति के लिए 375.18 लाख रुपये की लागत से पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था. इस टंकी का ट्रायल काम चल रहा था. तभी टंकी के घटिया पिलर टेढ़े हो गए और तेज आवाज के साथ टंकी फट गई.हालांकि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.

युद्ध को लेकर आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं, उनकी रणनीति क्या है? दुनिया के मन में ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं. एक ओर ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन और अच्छी बातचीत होने और होर्मुज पर गिफ्ट मिलने की बात की है. पाकिस्तान के जरिये ईरान को 15 सूत्री प्रपोजल भेजे जाने का भी दावा है. तो दूसरी ओर पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ रही है. अमेरिका के 1000 अतिरिक्त हवाई सैनिक वहां भेजे जाने की रिपोर्ट्स हैं. पिछले हफ्ते 3 युद्धपोतों के साथ अतिरिक्त नौसैनिकों के रवाना होने की खबर आई थी. अमेरिकी कैंप से आ रहे विरोधाभाषी दावों के बीच ईरान के तेवर कड़े हैं. ईरान बातचीत से इनकार कर रहा है.

Indore Viral Video Truth: इंदौर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच 149 रुपये लीटर पेट्रोल बिकने के एक वीडियो ने आग में घी डालने का काम किया. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल जनता को डराया, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, जब जांच हुई तो कहानी के पीछे का तकनीकी सच कुछ और ही निकला.

आज का दंगल ईरान युद्ध को लेकर भारत में चल रही तैयारी पर है. ईरान जंग के हालात को देखते हुए सरकार ने दिल्ली में बड़ी बैठक बुलाई है. पार्लियामेंट हाउस में ये बैठक थोड़ी देर में शुरू होने वाली है जिसमें सभी दलों के 2-2 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है. ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हो रही है जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू और ऊर्वरक मंत्री जेपी नड्डा समेत विदेश सचिव भी शामिल रहेंगे.

ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी नौसेना ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर हमला किया है ईरान ने अमेरिका के इस एयर क्राफ्ट कैरियर पर क्रूज मिसाइल हमले का दावा किया है. अमेरिका की तरफ से इस हमले पर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है. USS अब्राहम लिंकन परमाणु इंजन से चलने वाले निमित्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है. विमानवाहक पोत होने का मतलब एक ऐसे जंगी जहाज होने से है जिसपर फाइटर जेट उतर सकते हैं, यहां डेरा डाल सकते हैं और यहां से उड़ान भर सकते हैं.







