
एक सत्र, दो महाभियोग प्रस्ताव... विपक्ष फ्रंटफुट पर खेल रहा, सरकार कैसे पार पाएगी?
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मोदी सरकार और विपक्ष के बीच शह-मात का खेल जारी है. संसद के बजट सत्र में विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने का काम किया तो अब टीएमसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने की स्टैटेजी बनाई है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फुल फॉर्म में नजर आ रही है. मोदी सरकार को सियासी कठघरे में खड़े करने के लिए हर दांव चल रही, जिसके लिए चुनाव आयोग तक को नहीं छोड़ रहीं. चुनाव आयोग का पूरा पैनल बंगाल दौरे पर पहुंचते ही टीएमसी ने विरोध शुरू कर दिया. अब देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ टीएमसी महाभियोग लाने का दांव स्टैटेजी बनाई है.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी पार्टियां एकजुट होकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है. इससे मोदी सरकार अभी पार भी नहीं पाई थी कि टीएमसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए महाभियोग लाने का फैसला किया है. टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने तो बजट सत्र के पहले भाग में कहा दिया था कि उनकी पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाना चाहती है.
संसद के बजट सत्र के पहले और अब दूसरे फेज में विपक्ष ने आक्रामक तरीके से सरकार को घेरने की कवायद में जुटा है. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव लाई है तो अब टीएमसी ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए महाभियोग का दांव चला है. इस तरह विपक्षी दल फ्रंटफुट पर उतरकर सरकार को बैकफुट पर लाने का दांव चल रही हैं?
विपक्षी बिसात: 'महाभियोग' के दांव से घेरे में सरकार भारतीय सियासत में एक पुरानी कहावत है, 'डिफेंसिव खेलने से कभी मैच नहीं जीते.' संसद के सदस्यों नंबर गेम में कम होने के बाद भी विपक्ष आक्रमक तरीके से सरकार को घेरने की रणनीति में जुटा है. इसी मंत्र के चलते विपक्ष फ्रंटफुट पर खेल रहा है. पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास का दांव चला और अब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलकर विपक्ष ने मोदी सरकार को डिफेंसिव होने पर मजबूर कर दिया है.
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विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरने के लिए अविश्वास प्रस्ताव और महाभियोग को सियासी हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है.स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाने के पीछे विपक्ष की रणनीति कहीं न कहीं सरकार को बैकफुट पर लाने की है. विपक्ष अपने दांव में फिलहाल कामयाब होता दिख रहा है, क्योंकि सरकार फिलहाल बैकफुट पर खड़ी नजर आ रही है.

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