
Zee Digital ने ComScore Ranking में हासिल किया दूसरा स्थान, पार किया 234 मिलियन का मार्क
Zee News
ComScore Ranking May 2021: Zee Digital ने प्रमुख इंटरनेट साइट्स में छठा स्थान हासिल किया है. Zee Digital ने पिछले साल के मुकाबले 1.3 गुना बढ़ोतरी की.
नई दिल्ली: भारत का सबसे विविध डिजिटल पब्लिशिंग ग्रुप, ज़ी डिजिटल, मई 2021 में कॉमस्कोर के मामले में डिजिटल दुनिया में दूसरे नंबर पर रहा. पिछले साल के मुकाबले ज़ी डिजिटल ने यूनिक मंथली विजिटर्स के मामले में 1.3 गुना की बढ़ोतरी की. ज़ी मीडिया के सभी प्रमुख ब्रांड में सामूहिक रूप से तेजी से बढ़ोतरी हुई है. मई 2021 में, Zee News Hindi ने 68.9 मिलियन, Zee News English ने 49.6 मिलियन और India.com ने 93 मिलियन यूनिक विजिटर्स के मार्क को पार किया. पिछले साल के मुकाबले Zee News Hindi और Zee News English में 1.6 गुना की बढ़ोतरी हुई, जबकि India.com ने 2.6 गुना की बढ़ोतरी की. इसके अलावा पिछले साल की तुलना में DNA India ने 4.6 गुना, BGR.in ने 2.3 गुना और BollywoodLife.com ने 2.2 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









