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6174 KM की रफ्तार, 1500 KM रेंज! DRDO बना रहा LRASHM मिसाइल के दो खतरनाक वर्जन; DF-17 को देगी टक्कर
Zee News
LRASHM Hypersonic Missile: भारत अब रक्षा तकनीक के मामले में दुनिया के सबसे ताकतवर देशों अमेरिका, रूस और चीन की बराबरी कर चुका है. LRASHM का तीनों सेनाओं के पास होना भारत की 'डेटरेंस' क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा, यानी दुश्मन भारत पर हमला करने की सोचने से पहले सौ बार डरेगा.
LRASHM Hypersonic Missile: भारत की मिसाइल ताकत अब एक ऐसे मुकाम पर पहुंचने वाली है जहां दुश्मन के लिए संभलने का एक सेकंड का भी मौका नहीं होगा. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO अब अपनी सबसे घातक मिसाइल LRASHM यानी लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल के दो अलग-अलग वर्जन तैयार कर रहा है. यह मिसाइल केवल समंदर के शिकार के लिए नहीं, बल्कि जमीन और आसमान से भी काल बनकर बरसेगी. ऐसे में, आइए जानते हैं कि DRDO के इन दो अलग वर्जन्स से भारत की सैन्य ताकत कितनी बढ़ जाएगी.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








