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भारत बनेंगे हर साल 40 फाइटर जेट! 2028 से 2035 तक होगा युद्धस्तर पर निर्माण, इंडियन एयरफोर्स बनेगी नंबर-1 ताकत
Zee News
भारतीय वायुसेना में फाइटर जेट स्क्वाड्रन की कमी को दूर करने के लिए बड़ा उत्पादन प्लान तैयार है. 2028 से तेजस Mk1A, 2031 से राफेल और 2035 से AMCA के निर्माण से हर साल करीब 40 विमान शामिल करने का लक्ष्य है. इससे 2030 के बाद स्क्वाड्रन ताकत स्थिर होने की उम्मीद है.
Fighter jet and Indian Airforce: इंडियन एयरफोर्स में फाइटर जेट स्क्वाड्रन की इतनी कमी 114 राफेल से भी नहीं पूरी हो रही है. भारत को अगर एक साथ 200 फाइटर जेट मिल जाएं तब भी कमी पूरी नहीं होगी. इससे साबित होता है कि पिछले एक दशक में फाइटर जेट के स्क्वाड्रन पर ध्यान नहीं दिया गया. यही वजह है कि एयरफोर्स में इतने फाइटर जेट की कमी से जूझ रही है. हालांकि अब इस कमी को दूर करने का फुल प्रूफ प्लान तैयार है. इंडियन एयरफोर्स का कहना है कि हर 40 फाइटर जेट चाहिए.जिससे भारत का फाइटर जेट स्क्वाड्रन हमेशा स्थिर रहेगा. मौजूदा नेतृत्व में यह लक्ष्य पूरी तरह हासिल हो पाए या नहीं, यह साफ नहीं है, लेकिन जो तैयारी अभी की जा रही है, उससे अगला वायुसेना प्रमुख इस लक्ष्य को हकीकत में बदल सकता है.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








