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114 राफेल की महा-डील या रूस से पुरानी दोस्ती? फ्रांस से समझौते के बीच मॉस्क से संतुलन साधने की भारत की तैयारी
Zee News
India Russia Defense Balance: इस संभावित सौदे के बीच एक्सपर्ट का अलग मानना है. भारत को रूस के साथ अपने पुराने और रक्षा संबंधों का भी ध्यान रखना होगा. फ्रांस के शोधकर्ता क्रिस्टोफ जाफ्रेलो ने कहा है कि भारत यदि पश्चिमी देशों, खासकर फ्रांस से अधिक हथियार खरीदता है. तो उसे रूस के साथ संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ कदम उठाने पड़ सकते हैं.
India Russia Defense Balance: फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron उच्चस्तरीय बातचीत के लिए भारत दौरे पर हैं. भारतीय वायुसेना के लिए 114 अतिरिक्त Rafale लड़ाकू विमानों की संभावित बड़ी रक्षा डील पर खास नजर रहेगी. अगर यह सौदा होता है. तो भारत के बेड़े में पहले से शामिल 36 राफेल विमानों और नौसेना के लिए ऑर्डर किए गए 26 विमानों के बाद यह संख्या काफी बढ़ जाएगी. इससे भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग और मजबूत होगा.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








