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मिराज-2000 का रिटायरमेंट प्लान फिक्स! राफेल बनेगा नया न्यूक्लियर किंग, भारत की हवाई ताकत में बड़ा बदलाव
Zee News
Mirage 2000 Retirement: साल 2020 से सेवा में आए 36 Dassault Rafale विमानों ने पहले ही अपनी क्षमता साबित कर दी है. अब भारत 114 और राफेल विमानों की खरीद की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इस सौदे के बाद वायुसेना में राफेल की संख्या 150 से अधिक हो सकती है. इसमें नौसेना के लिए ऑर्डर किए गए 26 विमानों को भी शामिल किया जाए तो यह संख्या और बढ़ेगी. राफेल धीरे-धीरे मिराज-2000 की परमाणु भूमिका संभालेगा.
Mirage 2000 Retirement: भारतीय वायुसेना आने वाले सालों में अपनी परमाणु हमले की क्षमता में बड़ा बदलाव करने जा रही है. अब तक Mirage 2000 लड़ाकू विमान इस खास जिम्मेदारी को निभाते रहे हैं. 1980 के दशक में शामिल हुए इन विमानों को समय-समय पर अपग्रेड किया गया. इन्हें परमाणु हथियार ले जाने के लिए प्रमुख प्लेटफॉर्म माना जाता रहा है. अब मिराज-2000 अपने सेवा जीवन के अंतिम चरण में हैं. अगले दशक में इनके रिटायर होने की संभावना है.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








