
West Bengal Election: भगवान का शुक्र है कि 'मीर जाफर' TMC से चले गए बोलीं ममता बनर्जी
Zee News
Mamata Banerjee in Medinipur: ममता बनर्जी ने कहा, 'भगवान का शुक्र है कि मीर जाफर (Mir Jafar) चले गए. अब जाकर मुझे सुकून मिला. इसने हमें बचा लिया. जब भी मैं नंदीग्राम, खेजुरी या कांठी आना चाहती थी तो वे मुझे रोक दिया करते थे. जैसे वो यहां के जमींदार हों.'
खेजुरी: पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने पूर्वी मेदिनीपुर (Medinipur) के प्रभावशाली अधिकारी परिवार (Adhikari family) पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा कि उन्हें इस बात का सुकून है कि विधानसभा चुनाव से पहले 'मीर जाफर' (बागी) टीएमसी (TMC) से बाहर चले गए. गौरतलब है कि जिले में मजबूत राजनीतिक पकड़ रखने वाले अधिकारी परिवार के अधिकतर सदस्य या तो बीजेपी (BJP) में शामिल हो गए हैं या फिर उन्होंने बीजेपी में जाने की इच्छा जताई है. टीएमसी के पूर्व विधायक शुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) पहले ही बीजेपी में शामिल हो चुके हैं और नंदीग्राम (Nandigram) सीट से बीजेपी उम्मीदवार हैं. ममता बनर्जी खुद इस बार नंदीग्राम से चुनाव लड़ रही हैं. टीएमसी प्रमुख ने खेजुरी की चुनावी रैली में बीजेपी को 'सामंती जमींदारों की पार्टी' बताया. ममता ने आरोप लगाया कि भगवा पार्टी पूरे देश को बेचने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रही है.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










