
Weather News: 122 साल में सबसे गर्म रही फरवरी, मार्च और अप्रैल में भी छूटेगा पसीना
Zee News
Weather News: मौसम विभाग के अनुसार, साल 1901 के बाद से पिछले 122 वर्षो में सबसे गर्म रहा है, जहां औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.73 डिग्री अधिक और औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.81 डिग्री अधिक रहा.
नई दिल्ली. मौसम विभाग ने मंगलवार को बताया कि फरवरी 1901 के बाद से पिछले 122 वर्षो में सबसे गर्म रहा है, जहां औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.73 डिग्री अधिक और औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.81 डिग्री अधिक रहा. आईएमडी के अनुसार, फरवरी में उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत और आसपास के मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक अधिकतम तापमान का अनुभव किया गया.
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अधिकतम तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया. उत्तर पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से अधिक अधिकतम तापमान की संभावना का यथोचित अनुमान लगाया जा सकता है. उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर, जहां सामान्य न्यूनतम तापमान से अधिक तापमान देखा गया, देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य न्यूनतम तापमान से नीचे अनुभव किया गया.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








