
VIP संरक्षण, सिस्टम की ढिलाई और 2 साल का इंतजार... अंकिता भंडारी केस में कल फैसला सुनाएगी उत्तराखंड की अदालत
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पुलकित आर्य पर IPC की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना), 354A (छेड़छाड़) और अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय हुए हैं. वहीं, अन्य दोनों आरोपियों पर भी हत्या और अनैतिक कार्यों में सहयोग के आरोप लगे हैं.
उत्तराखंड की बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब फैसले की घड़ी आ गई है. कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत 30 मई, गुरुवार को इस सनसनीखेज मामले में अपना फैसला सुनाएगी. दो साल पुराने इस केस में उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश की नज़रें कोर्ट के इस फैसले पर टिकी हैं.
अदालत में सुनवाई सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी. सुरक्षा के मद्देनज़र कोर्ट परिसर के 200 मीटर के दायरे को पुलिस सील करेगी. सिर्फ वकील, केस से जुड़े पक्ष और जरूरी स्टाफ को ही भीतर जाने की अनुमति होगी. एसएसपी पौड़ी के नेतृत्व में पुलिस फोर्स की तैनाती रहेगी.
मामले की जांच और ट्रायल इस जघन्य हत्या के तीनों आरोपी- पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. पुलकित आर्य वंतारा रिज़ॉर्ट का मालिक था, जहां 18 सितंबर 2022 को अंकिता रहस्यमयी तरीके से लापता हुई थीं. बाद में उसका शव एक नहर से बरामद हुआ, जिससे पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया.
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मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी, जिसने 500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. इसमें कुल 97 गवाह नामित किए गए थे, जिनमें से अभियोजन पक्ष ने 47 गवाहों को पेश किया.
पुलकित आर्य पर IPC की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना), 354A (छेड़छाड़) और अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय हुए हैं. वहीं, अन्य दोनों आरोपियों पर भी हत्या और अनैतिक कार्यों में सहयोग के आरोप लगे हैं.

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