
Vidur Niti in Hindi: इन नियमों को मानने वाले लोग होते हैं सम्मानित, मिलती है सफलता!
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विदुर नीति Suvichar: विदुर की नीतियां (Vidur Niti) व्यक्ति को हर कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने में सहायक सिद्ध होती हैं. विदुर की नीतियों में धर्म, दर्शन, काम और मोक्ष का समावेश पाया जाता है. आइए जानते हैं, विदुर नीति के आधार पर कैसे व्यक्ति को मिलता है मान-सम्मान...
चाणक्य हों या फिर विदुर, इनकी नीतियां हमेशा से ही मनुष्य के लिए लाभकारी रही हैं. महाभारत काल के महान ज्ञानी रहे महर्षि विदुर काफी दूरदर्शी सोच रखते थे. कहा जाता है कि विदुर की नीतियां (Vidur Niti) व्यक्ति को हर कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने में सहायक सिद्ध होती हैं. विदुर की नीतियों में धर्म, दर्शन, काम और मोक्ष का समावेश पाया जाता है. आइए जानते हैं, विदुर नीति के आधार पर कैसे व्यक्ति को मिलता है मान-सम्मान... निषेवते प्रशस्तानि निन्दितानि न सेवते। अनास्तिकः श्रद्दधान एतत् पण्डितलक्षणम्।। विदुर कहते हैं कि जो लोग प्रशंसनीय कार्यों में लगे रहते हैं और निन्द्य कार्यों से दूर रहते हैं, जो नास्तिक नहीं हैं, सद्विचारों के प्रति श्रद्धालु है, उसमें पंडित होने के लक्षण दिखते हैं.
'भारत से प्यार है, लेकिन अमेरिका ने मेरी जिंदगी बदल दी'... अमेरिका में रहने वाले युवक की पोस्ट वायरल
वेणु अमेरिका में रहते हैं और एक इंवेस्टर हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिका आने के बाद उनकी सोच और जिंदगी बदल गई. यहां मेहनत, अनुशासन और धैर्य की बहुत कद्र होती है. जो ईमानदारी से मेहनत करता है और जोखिम लेने को तैयार है, वह आगे बढ़ सकता है.

चांदी की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 19 जनवरी 2026 को चांदी तीन लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई. 2004 में चांदी की कीमत मात्र दस हजार रुपये प्रति किलो थी, जो अब तीन सौ गुना बढ़ चुकी है. अगर ये रफ्तार जारी रही तो 2030 तक चांदी बारह लाख रुपये प्रति किलो, 2040 तक एक करोड़ और 2050 तक तीन से पाँच करोड़ रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है.

Aaj 20 January 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 जनवरी 2026, दिन- मंगलवार, माघ मास, शुक्ल पक्ष, द्वितीया तिथि , श्रवण नक्षत्र दोपहर 13.06 बजे तक फिर धनिष्ठा नक्षत्र, चंद्रमा- मकर में, सूर्य- मकर में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.11 बजे से दोपहर 12.53 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 15.11 बजे से दोपहर 16.31 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.

प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर आश्चर्यजनक और अविश्वसनीय दृश्य दिखे. इस बार 4 करोड़ 52 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में अमृत स्नान किया, जो कई देशों की आबादी से भी अधिक है. अमृत स्नान को राजसी स्नान के नाम से जाना जाता है, जहां 13 अखाड़ों के नागा साधु हाथी, घोड़े और रथ पर सवार होकर भव्यता के साथ संगम में स्नान करते हैं.

शादी के पलों को खास बनाने के लिए लोग अक्सर भव्य सजावट, डांस परफॉर्मेंस और ग्रैंड एंट्रीज का सहारा लेते हैं. लेकिन कभी-कभी किसी रिश्ते की सबसे खूबसूरत झलक सादगी में छिपी होती है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक शादी का वीडियो यही साबित कर रहा है, जहां दुल्हन ने अपनी ही शादी में ऐसी चीज की, जिसने हर किसी का दिल छू लिया.








