
Vastu Tips: फर्श पर तेल का पानी की तरह बहना अपशकुन, ये 5 अशुभ संकेत भी समझें
AajTak
प्रकृति हमें भूत, भविष्य और वर्तमान का बोध कराकर ज्ञान देती है. इसी ज्ञान को हमारे ऋषि मुनियों ने संजोकर ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र की संरचना की है. ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र में ऐसे कई संकेतों का जिक्र है जो जीवन में आने वाले संकट या दुर्भाग्य के बारे में बता सकते हैं. ऐसे कुछ संकेतों के बारे में ज्योतिषाचार्य श्रीपति त्रिपाठी ने बताया है.
जीवनचक्र के सुख-दुख, लाभ-हानि, उत्पत्ति-विनाश आदि सभी कर्म प्रकृति द्वारा संचालित होते हैं. प्रकृति हमें भूत, भविष्य और वर्तमान का बोध कराकर ज्ञान देती है. इसी ज्ञान को हमारे ऋषि मुनियों ने संजोकर ज्योतिष और वास्तु शास्त्र की संरचना की है. ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र में ऐसे कई संकेतों का जिक्र है जो जीवन में आने वाले संकट या दुर्भाग्य के बारे में बता सकते हैं. ऐसे कुछ संकेतों के बारे में ज्योतिषाचार्य श्रीपति त्रिपाठी ने बताया है.
बंद घड़ी- ज्योतिषाचार्य का कहना है कि अगर घर में समय बताने वाली घड़ी अचानक बंद हो जाए तो समझ लीजिए आपका बुरा वक्त शुरू होने वाला है. आपके बनते काम बिगड़ सकते हैं. वास्तु के अुसार, घर में बंद घड़ी का होना बहुत अशुभ माना जाता है.
मरे हुए पक्षी- यदि घर की छत पर मरे हुए चिड़िया, कबूतर या कोई भी पक्षी मरा हुए मिले तो समझ लीजिए आपकी संतान पर कोई आपत्ति आने वाली है. बच्चे बीमार हो सकते हैं या उनका स्वास्थ्य खराब हो सकता है.
दीवार पर सीलन- घर की दीवार पर अगर सीलन आने लगे तो इसका मतलब है कि आपके घर की सुख-शांति भंग होने वाली है. यह घर की आर्थिक संपन्नता के खोने का संकेत होता है. जिन घरों में दीवार पर सीलन होती है वहां हमेशा तनाव या लड़ाई-झगड़े का माहौल रहता है.
नमकीन खाने में चींटियां- किचन में रखे नकमकीन पदार्थों में यदि चींटियां पड़ने लगे तो समझ जाएं आपके व्यवसाय या नौकरी में कोई बड़ी दिक्कत आने वाली है. ये घर में पैसों की तंगी या किसी बड़ी मुसीबत के आने का संकेत हो सकता है.
तुलसी का पौधा- घर के आंगन में लगा तुलसी का पौधा अगर जल जाए या अचानक सूखने लगे तो ये बहुत ही अशुभ संकेत है. इसका मतलब है कि घर का कोई सदस्य दुर्घटना का शिकार हो सकता है. ऐसे में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










