
Vaccination को लेकर Modi सरकार की बड़ी तैयारी: साल के अंत तक सभी को टीका लगाने का लक्ष्य, ये है Plan
Zee News
कोरोना (Coronavirus) से मुकाबले के लिए सरकार इस साल के अंत तक पूरी आबादी के टीकाकरण करना चाहती है. इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए तैयारियां भी शुरू हो गई हैं.
नई दिल्ली: कोरोना (Coronavirus) से मुकाबले के लिए सरकार इस साल के अंत तक पूरी आबादी के टीकाकरण करना चाहती है. इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए तैयारियां भी शुरू हो गई हैं. नीति आयोग (NITI Aayog) के सदस्य डॉ वीके पॉल (Dr V K Paul) ने बताया कि देश में दिसंबर तक सभी नागरिकों को टीका लगाने के लिए पर्याप्त वैक्सीन होगी. उन्होंने कहा कि अगस्त और दिसंबर के बीच के इन पांच महीनों में वैक्सीन की दो अरब से अधिक खुराक उपलब्ध कराई जाएंगी. जिसका अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति का टीकाकरण आसानी से किया जा सकेगा. Overall, 216 crore doses of vaccines will be manufactured in India between August-December - for India and for Indians. There should be no doubt that vaccine will be available for all as we move forward: Dr VK Paul, Member (Health), NITI Aayog एक तरफ जहां कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए लोगों से वैक्सीन लगवाने की बात कही जा रही है. वहीं, दूसरी तरफ कई राज्यों ने टीके की कमी की शिकायत की है. ऐसे में डॉ वीके पॉल का यह बयान एक उम्मीद जगाता है कि आने वाले कुछ महीनों में कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की किल्लत को दूर कर लिया जाएगा. डॉ. पॉल ने यह भी कहा कि अगले साल की पहली तिमाही तक वैक्सीन उत्पादन की संख्या तीन अरब तक पहुंचने की संभावना है.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








