
Uttar Pradesh: महोबा में 18 वर्षीय बेटी से बलात्कार के आरोप में पिता गिरफ्तार
AajTak
यूपी के महोबा के एक गांव में बाप-बेटी के पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर देने वाली एक हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है. यहां 44 साल के एक शख्स ने अपनी 18 वर्षीय बेटी को हवस का शिकार बना डाला. पीड़िता किसी तरह उसके चंगुल से निकलकर मामा के पास पहुंची.
यूपी के महोबा के एक गांव में बाप-बेटी के पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर देने वाली एक हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है. यहां 44 साल के एक शख्स ने अपनी 18 वर्षीय बेटी को हवस का शिकार बना डाला. पीड़िता किसी तरह उसके चंगुल से निकलकर मामा के पास पहुंची. उन्हें अपनी आपबीती सुनाई तो वो भी दंग रह गए. पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस केस दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
महोबा नगर क्षेत्र के सर्किल अधिकारी दीपक दुबे ने बताया कि आरोपी की पत्नी घर बाहर गई हुई थी. उस वक्त उसकी बेटी अकेली थी. उसने मौका देखकर उसके साथ बलात्कार किया. उसे घटना के बारे में किसी को बताने पर धमकी भी दी. लेकिन पीड़िता किसी तरह मामा को अपनी आपबीती बताने में कामयाब रही. उन्होंने तुरंत स्थानीय थाने में पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
बताते चलें कि इसी तरह का एक मामला 3 फरवरी को देवरिया जिले में सामने आया था. यहां 13 वर्षीय एक लड़की ने अपने ही पिता पर बलात्कार का आरोप लगाया था. पीड़िता की मां की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया था. इसके बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया था.
एसपी विक्रांत वीर ने बताया था कि जिले के एक थाने में आकर एक महिला ने शिकायत दी थी कि उसकी 13 साल की बेटी के साथ बलात्कार किया गया. रेप का आरोपी उसका पति है. शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल मुकदमा पंजीकृत किया और मौके पर जाकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी. फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया. साक्ष्य संकलित किए गए. इसके बाद नामजद अभियुक्त को पकड़ लिया गया.
इसी तरह पिछले महीने बलिया जिले में एक पिता ने अपनी बीवी की गैरहाजिरी में नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बना डाला. पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया. एक पुलिस अधिकारी ने बताया था कि आरोपी की उम्र 51 वर्ष है. पीड़िता की उम्र 11 वर्ष है. वो नाना-नानी के पास रह रही थी.
पीड़िता की मां बांग्लादेश में अपने रिश्तेदारों से मिलने गई थी. इस बीच उसका पिता, जो एक ट्रक चालक है, अपनी बेटी से मिलने ससुराल गया. वहां 1 सितंबर से 1 नवंबर तक कई बार उसके साथ बलात्कार किया. पीड़ित लड़की डर की वजह से चुपचाप दरिंदगी सहती रही. थाना प्रभारी विपिन सिंह ने बताया कि इसी बीच उसकी मां वापस लौट आई. उसने आपबीती सुनाई तो मां के होश उड़ गए. वो उसे लेकर स्थानीय थाने पहुंची.

युद्ध के मोर्चे पर ये समझ में नहीं आ रहा है कि इस युद्ध में जीत कौन रहा है. जिस ईरान को समझा जा रहा है कि सुप्रीम लीडर के मारे जाने के बाद वो सरेंडर कर देगा. वो कहीं से भी पीछे हटता नहीं दिख रहा है. बल्कि ईरान तो और ज्यादा अग्रेसिव हो गया है. और इजरायल के अलावा उसने यूएई का बुरा हाल किया हुआ है. दुबई को तो ईरान ने धुआं धुआं कर दिया. दुबई का हाल ये है कि उसकी ग्लोबल कैपिटल वाली इमेज को ईरान के हालिया हमलों से बहुत बड़ा डेंट लगा है.

पश्चिम एशिया में जंग से तेल और गैस की किल्लत की आशंका के बीच भारत के लिए अच्छी खबर है. भारतीय जहाज शिवालिक कतर से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर भारत आ गया है, एलपीजी से लदा भारतीय जहाज शिवालिक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा है. ये जहाज लगभग 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आया है, एक घरेलू सिलेंडर में लगभग 14.2 किलोग्राम LPG भरी जाती है. इस तरह से 46 हजार मीट्रिक टन में 32.4 लाख घरेलू सिलेंडर भरे जा सकते हैं. बता दें कि 14 मार्च को ईरान ने शिवालिक को हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी थी. वहीं, जहाज नंदा देवी और जग लाडकी कल तक भारत पहुंच सकता है. नंदा देवी जहाज पर भी 46,000 टन LPG लदा है.

युद्ध के बीच भारत का शिवालिक जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंचा है. 45 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर शिवालिक पहुंचा है. कल नंदा देवी जहाज भी LPG की सप्लाई लेकर पहुंच रहा है. ईरान से अमेरिका-इजरायल के युद्ध का तीसरा हफ्ता शुरू हो चुका है. ईरान के खिलाफ इस युद्ध में प्रलय की स्थिति तो है लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप कहीं से भी निर्णायक भूमिका में नजर नहीं आ रहे. होर्मुज का समंदर न सिर्फ ट्रंप के लिए सैन्य चुनौती बन गया है, बल्कि कूटनीतिक झटके भी उन्हें मिलते दिख रहे हैं.

पश्चिम बंगाल में सियासी समर का शंखनाद हो चुका है. लेकिन आचार संहिता लगते ही चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के ज्यादातर सभी बड़े अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. DGP, कोलकाता पुलिस कमिश्नर समेत गृह सचिव और मुख्य सचिव के तबादले को टीएमसी चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर हमलावर है. वो इसे सत्ता का दुरुपयोग बता रही है. चुनाव आयोग पर तो विपक्ष पहले से हमलावर है. विपक्षी गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में महाभियोग का नोटिस पेश कर चुका है. इसी महाभियोग को लेकर कल चुनाव आयुक्त से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि, वो राजनीतिक मसलों में उलझना नहीं चाहते. इधर, ममता बनर्जी मोदी सरकार से एसआईआर से लेकर एलपीजी किल्लत तक के हर मुद्दे पर दो-दो हाथ करने को बेकरार हैं. विपक्ष तबादलों को लेकर चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा कर रहा है. लेकिन सवाल है कि, क्या बड़े अधिकारियों के तबादले पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना जायज है? और सवाल ये भी क्या आत्मविश्वास से भरी बीजेपी इस बार ममता बनर्जी का विजय रथ रोक पाएगी.

सबसे पहले बात ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची की. अराघची ने दो टूक कहा है कि तेहरान ने सीजफायर की मांग नहीं की है. ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि युद्ध का अंत इस तरह होना चाहिए कि ये दोबारा न हो. उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका से किसी तरह की कोई बातचीत या संदेश का आदान-प्रदान नहीं हुआ है. होर्मुज को लेकर उन्होंने बड़ी बात कही है. उनका कहना है कि होर्मुज सिर्फ दुश्मनों के लिए और उनके लिए बंद है जो उनका समर्थन कर रहे हैं.

बिहार के छपरा के रहने वाले बॉडीबिल्डर राजकुमार ने 38 साल की उम्र में पहली बार जिम जाना शुरू किया और कुछ ही वर्षों में कई चैंपियनशिप जीतकर Mr India का खिताब हासिल किया. गरीबी के कारण आज भी वह दिल्ली की सड़क पर नान का ठेला लगाकर परिवार का पालन करते हैं, लेकिन उनका सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करना है.







