
बैंकॉक से फोटो फ्रेम में छिपाकर लाया लाखों का हाइड्रोपोनिक गांजा, बेंगलुरु एयरपोर्ट पर गिरफ्तार
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बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने बैंकॉक से आए एक यात्री के पास से फोटो फ्रेम में छिपाकर लाया गया 1.125 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब 39.37 लाख रुपये बताई जा रही है. पढ़ें इस बरामदगी की पूरी कहानी.
बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने ड्रग्स तस्करी के एक मामले का खुलासा किया है. जहां बैंकॉक से आए एक यात्री के सामान से बड़ी मात्रा में हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया. संबंधित अधिकारियों के मुताबिक, बरामद किए गए गांजा का कुल वजन 1.125 किलोग्राम है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 39.37 लाख रुपये आंकी गई है. यह बरामदगी नियमित जांच के दौरान की गई. इस घटना के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता एक बार फिर चर्चा में आ गई है.
फोटो फ्रेम के अंदर छिपाया था गांजा जांच में सामने आया कि आरोपी यात्री ने ड्रग्स को बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखा था. उसने हाइड्रोपोनिक गांजा को एक फोटो फ्रेम के अंदर छिपाया हुआ था. इसके बाद उस फोटो फ्रेम को अपने लगेज बैग में पैक कर लिया था ताकि सुरक्षा जांच के दौरान किसी को शक न हो. तस्कर को उम्मीद थी कि इस तरह वह एयरपोर्ट सुरक्षा और स्कैनिंग से बच जाएगा. लेकिन कस्टम अधिकारियों की सतर्क नजरों ने उसकी पूरी योजना नाकाम कर दी.
शक होने पर तोड़ा गया फ्रेम एयरपोर्ट पर नियमित जांच के दौरान कस्टम अधिकारियों को उस लगेज बैग पर शक हुआ. जांच टीम ने बैग को अलग रखकर उसकी बारीकी से तलाशी ली. इसी दौरान उन्हें बैग में रखा फोटो फ्रेम संदिग्ध लगा. अधिकारियों ने जब उस फ्रेम को खोलकर देखा तो उसके अंदर हाइड्रोपोनिक गांजा छिपा हुआ मिला. फ्रेम को तोड़ने के बाद अंदर से पैक की हुई ड्रग्स बरामद की गई, इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया.
हिरासत में लेकर पूछताछ ड्रग्स बरामद होने के बाद कस्टम अधिकारियों ने यात्री को तुरंत हिरासत में ले लिया. शुरुआती पूछताछ में उससे इस खेप के स्रोत और उसके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि इस मामले के पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क भी हो सकता है. फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी यह ड्रग्स भारत में किसे देने वाला था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं.
NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज इस मामले में कस्टम विभाग ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है. अधिकारियों के अनुसार, यह एक गंभीर अपराध है और इसकी विस्तृत जांच की जा रही है. जांच एजेंसियां आरोपी के यात्रा रिकॉर्ड, संपर्कों और उसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या पहले भी इसी तरीके से ड्रग्स की तस्करी की गई थी. फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

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