
UP News: ममता बनर्जी के समर्थन में आए सपा MLC आशुतोष सिन्हा, बोले- BJP शासित राज्यों की हालत भी देखिए
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UP News In Hindi: होली मिलन समारोह में समाजवादी पार्टी के स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा कि देश के लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश चल रही है और इसमें समाजवादी पार्टी ममता बनर्जी के साथ खड़ी है.
होली मिलन समारोह कार्यक्रम में शामिल हुए समाजवादी पार्टी के स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने राष्ट्रपति को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर कहा कि किसी भी टिप्पणी से पहले बीजेपी शासित राज्यों की हालत को भी देखना चाहिए और सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी की बात सुनकर टिप्पणी करना सही नहीं है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति हमारे लिए गरिमा का विषय हैं, लेकिन एक समय ऐसा था जब मतदाता अपनी सरकार चुना करते थे, जबकि अब जब से बीजेपी की सरकार बनी है तब से ऐसी स्थिति बनती जा रही है कि सरकार ही यह तय करने लगी है कि मतदाता कौन होगा.
आशुतोष का आरोप है कि देश के लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश चल रही है और इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ममता बनर्जी के साथ खड़ी है. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को हटाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महोदय स्वयं कुछ नहीं करतीं, बल्कि जो भी आदेश प्रधानमंत्री कार्यालय से आता है उसी के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपालों को हटाने और एक प्रदेश के मुख्यमंत्री को हटाकर उन्हें राज्यसभा भेजने जैसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि देश और प्रदेश की राजनीति किस दिशा में जा रही है. उनके अनुसार देश में एक तरह से अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बन रही है और इसके खिलाफ समाजवादी पार्टी संघर्ष करती रहेगी.
कर्नाटक में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया देखने पर बैन लगाने के सवाल पर आशुतोष सिन्हा ने कहा कि उन्हें उस आदेश की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन उनका मानना है कि सोशल मीडिया के उपयोग का भी एक निश्चित समय होना चाहिए. आजकल बच्चे अत्यधिक समय सोशल मीडिया पर बिताने लगे हैं, जिसके कारण वे कई प्रकार की मानसिक और शारीरिक समस्याओं का शिकार हो रहे हैं और डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं.
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध तथा उसमें फंसे भारतीयों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सरकार जिस प्रकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घुटने टेकने का काम कर रही है वह चिंता का विषय है, क्योंकि क्या खरीदना है और कितना खरीदना है, यह भी अब दूसरे तय करने लगे हैं. संसद में इस विषय पर जब चर्चा हुई तो संबंधित मंत्री ने कहा कि भारत ने अपने लोगों को इजरायल, ईरान और अन्य देशों में भेजा है, लेकिन समाजवादी पार्टी का मानना है कि लोगों को विदेश भेजने के बजाय देश के भीतर ही पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा किए जाने चाहिए, ताकि युवाओं को रोजगार के लिए बाहर न जाना पड़े.













