
UP में BJP के लिए सभी विकल्प खुले, CM का चेहरा कोई भी हो सकता है: स्वामी प्रसाद मौर्य
Zee News
उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव 2022 (UP Assembly Election 2022) को लेकर हलचल शुरू हो चुकी है. BJP के अंदर से एक बार फिर ये बात उठी है कि 2022 के लिए चेहरा योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के अलावा कोई और भी हो सकता है.
लखनऊ: 2022 विधान सभा चुनावों (UP Assembly Election 2022) की आहट के साथ ही उत्तर प्रदेश की सियासत करवट लेने लगी है. सभी दल अपने-अपने स्तर से चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं, तो वहीं BJP को लेकर बार-बार ये सवाल उठ रहे हैं कि कि यूपी चुनाव बीजेपी किस के चेहरे पर लड़ेगी. CM योगी ही बीजेपा का चेहरा होंगे या संगठन में इसको लेकर कुछ 'पक' रहा है. ज़ी मीडिया से बात करते हुए यूपी के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बड़ा बयान दिया है. स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा है, UP में BJP के लिए सभी विकल्प खुले हैं, CM का चेहरा कोई भी हो सकता है. फिलहाल तो सीएम योगी हैं, आगे क्या होगा ये देखना होगा. बीजेपी एक लोकतांत्रिक पार्टी है. मौर्य ने कहा, 2022 के चुनाव बाद सीएम का चेहरा कोई और भी हो सकता है. केंद्रीय नेतृत्व और विधायक दल की बैठक में सब तय होगा .
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









