
UP पंचायत चुनाव: आपके पास भी नहीं है Voter ID Card, तो न हों परेशान, ऐसे कर सकेंगे मतदान
Zee News
राज्य चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत वोट करने के लिए वोटर आईडी कार्ड सहित 12 अन्य दस्तावेजों को मान्य माना गया है.
लखनऊ: यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav 2021) कल यानी 15 अप्रैल से शुरू हो जाएंगे. कल पहले चरण की वोटिंग (UP Panchayat Chunav Voting) होगी. इसमें जिला पंचायत वार्ड, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 18 जिलों में मतदान होंगे. बता दें कि 18 साल या उससे अधिक उम्र वाले लोगों को मतदान करने का अधिकार दिया गया है. ऐसे में अपने गांव की सरकार चुनने के लिए आपको अपने इस अधिकार का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए. वोटर कार्ड नहीं, न हों परेशान वोट डालने के लिए आपको वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card) की जरूरत होती है. अगर आपके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है, फिर भी आपको परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है. जी हां! दरअसल, अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में है, लेकिन वोटर आईडी कार्ड नहीं है, तो आप वोट डाल सकते हैं. राज्य चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत वोट करने के लिए वोटर आईडी कार्ड सहित 12 अन्य दस्तावेजों को मान्य माना गया है. आइये जानते हैं वो कौन से 12 दस्तावेज हैं-
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








