
Ukraine में कवरेज कर रहे पत्रकारों की टीम पर फायरिंग, 2 की मौत... रूस पर आरोप
AajTak
Russia-Ukraine War के बीच पत्रकारों और आम नागरिकों पर हमलों की खबरें भी सामने आ रही हैं. ताजा घटना यूक्रेन की राजधानी कीव में हुई है. यहां फॉक्स न्यूज की टीम पर हमला हुआ है, जिसमें 2 पत्रकारों की मौत हो गई है.
Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग कवर कर रहे पत्रकारों पर हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. मंगलवार को 3 पत्रकार इसका शिकार हुए हैं, जिनमें से 2 की मौत हो गई और 1 की हालत गंभीर है. यूक्रेन ने रूस पर फायरिंग का आरोप लगाया है.
यूक्रेन की सेना के मुताबिक कीव के पास फॉक्स न्यूज (Fox news) की टीम कवरेज कर रही थी. इस दौरान रूस की सेना ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी. इस हमले में कैमरामैन पियरे जक्रेव्स्की और प्रोड्यूसर ऑलेक्जेंड्रा कुर्शीनोवा की मौत हो गई. जबकि, पत्रकार बेंजामिन हॉल के पैर का एक हिस्सा बुरी तरह डैमेज हो गया है.
3 दिन पहले भी हुई थी विदेशी पत्रकार की मौत
इससे पहले 13 मार्च को भी एक हमले में विदेशी पत्रकार की मौत हो गई थी. यूक्रेन की सांसद इन्ना सोवसुन ने बताया था कि इरपिन में रूस की गोलाबारी में विदेशी पत्रकार की मौत हो गई. वहीं, एक अन्य विदेशी पत्रकार बुरी तरह घायल हो गया था. उसे इलाज के लिए ओखमतदित अस्पताल ले जाया गया था. उन्होंने कहा था कि रूसी सेना पत्रकारों, डॉक्टरों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों, नागरिकों पर गोलियां चला रही है. यह पूरी सभ्य दुनिया के खिलाफ युद्ध है.
20 दिन से जारी है रूस-यूक्रेन युद्ध
रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 20 दिन से युद्ध जारी है. बुधवार को जंग का 21वां दिन शुरू हो गया है, लेकिन अब भी दोनों देशों के बीच युद्धविराम को लेकर बात बनती नजर नहीं आ रही है. जंग में मारे जा रहे आम नागरिकों को लेकर संयुक्त राष्ट्र सहित दुनिया की कई अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं चिंता जाहिर कर चुकी हैं. यूएन ने 14 मार्च को बताया था कि जंग में अब तक 596 आम लोगों की मौत हो चुकी है. 1,067 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं. जंग लंबी खिंचने के कारण यूक्रेन में खाने-पीने की चीजों की किल्लत शुरू हो चुकी है. संयुक्त राष्ट्र ने यह भी बताया था कि अब तक यूक्रेन को 50 हजार टन से ज्यादा विदेशी मदद मिल चुकी है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











