Tulsi Upay: 2026 के पहले दिन मुख्य द्वार से बांध दें ये एक चीज, सालभर नहीं होगी धन की कमी
AajTak
Tulsi Upay 2026: नए साल के शुभारंभ पर तुलसी की जड़ का एक दिव्य और सरल उपाय जरूर कर लें. यह उपाय घर में सुख-शांति बढ़ाने के साथ-साथ आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाने का काम करता है.
Tulsi Upay 2026: नया वर्ष 2026 शुरू होने वाला है. और नववर्ष की शुभ वेला पर लोग घर में तरह-तरह के उपाय करते हैं. ताकि घर की सुख-संपन्नता को बढ़ाया जा सके. यदि आप भी नए वर्ष में अपने घर को बुरी नजर से बचाना चाहते हैं और उसमें मां लक्ष्मी का वास चाहते हैं तो तुलसी से जुड़ा एक दिव्य उपाय नए साल पर जरूर कर लें. हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र माना गया है. कहते हैं कि तुलसी में माता लक्ष्मी का वास होता है. इसलिए इसके कुछ दिव्य उपाय देवी लक्ष्मी की कृपा बनाए रखने के लिए उत्तम माने जाते हैं.
यदि आपके घर में तुलसी का पौधा सूख रहा है और उभरना बंद हो चुका है तो नए साल में उसकी जड़ से एक सरल उपाय कर लें. यह उपाय घर में सुख-शांति बढ़ाने के साथ-साथ आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाने का काम करता है.
मुख्य द्वार बांध दें तुलसी की जड़ ज्योतिषविदों के मुताबिक, घर के प्रवेश द्वार पर तुलसी की जड़ बांधने से माता लक्ष्मी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में धन व सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है. जिस दरवाजे की चौखट से तुलसी की जड़ बंधी होती है, उस घर को कभी किसी की बुरी नजर नहीं लगती है. वहां अन्न-धन के भंडार हमेशा भरे रहते हैं.
तुलसी की जड़ बांधने का तरीका आप किसी भी शुभ अवसर या नए साल के मौके पर ये उपाय कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले सूखी तुलसी की एक जड़ लें. उसे लाल कपड़ा में थोड़े चावल (अक्षत) और सिक्के से बांध दें. इसे बांधने के लिए लाल रंग के कलावे का ही प्रयोग करें. अब इस पोटली को मां लक्ष्मी के समक्ष रखें और देवी की विधिवत पूजा करें. मां लक्ष्मी से प्रार्थना करें कि आपके घर में सदा उनकी कृपा बनी रहे. धनधान्य की आवक बढ़े और कभी किसी बाहरी व्यक्ति की बुरी नजर आपकी खुशियों पर न पड़े.
इसके बाद इस पोटली को घर के मुख्य दरवाजे के दाईं तरफ ऊपर इस तरह बांधें कि वो बाहर से स्पष्ट दिखाई दे. आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा. नई खुशियों की दस्तक होगी. और कभी किसी की बुरी नजर का प्रभाव नहीं पड़ेगा.

Aaj 18 March 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 18 मार्च 2026, दिन- बुधवार, चैत्र मास, कृष्ण पक्ष, चतुर्दशी तिथि सुबह 08.25 बजे तक फिर अमावस्या, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र, चंद्रमा- कुंभ में रात 23.36 बजे तक फिर मीन में, सूर्य- मीन में, विजय मुहूर्त- दोपहर 14.30 बजे से दोपहर 15.18 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 12.29 बजे से दोपहर 14 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.

Chaitra Navratri 2026: देवी का पालकी में बैठकर आना क्या अशुभ संकेत है? जानें क्या कहता है देवी पुराण
इस साल चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक रहेंगे. मान्यता है कि नवरात्र में मां दुर्गा वार के हिसाब से वाहन चुनकर आती हैं. इस बार मां का आगमन डोली या पालकी में हो रहा है. आइए जानते हैं कि मां दुर्गा के इस वाहन को लेकर देवी पुराण क्या कहता है.

सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में कम नंबर आने पर छात्रों को राहत देते हुए मई 2026 में दोबारा परीक्षा का नया शेड्यूल जारी किया है. छात्र तीन विषयों में सुधार कर सकते हैं और कंपार्टमेंट वाले भी परीक्षा दे सकेंगे. फॉर्म भरने की प्रक्रिया तीन चरणों में होगी, जिसमें लेट फीस का भी प्रावधान है परीक्षा के लिए फीस भारत में ₹320 प्रति विषय निर्धारित की गई है.










