
Trump Effect On Stock Market: ट्रंप का एक सिग्नल... फिर थम गई गिरावट, शेयर बाजार में आज तूफानी तेजी
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Stock Market Crash होने का सिलसिला मंगलवार को थमा नजर आया है और सेंसेक्स-निफ्टी ने तूफानी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की है. इस तेजी के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दिए गए संकेतों को माना जा रहा है.
अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान के युद्ध (US-Israel Vs Iran War) के चलते बीते कुछ दिनों से शेयर बाजार में भारी गिरावट का सिलसिला देखने को मिला, लेकिन मंगलवार को अचानक इस पर ब्रेक लग गया. सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. BSE Sensex जहां 800 अंक से ज्यादा की उछाल के साथ खुला, तो NSE Nifty ने 150 अंक से अधिक की तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की. बाजार के रुख में ये बदलाव ईरान युद्ध को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दिए गए सिग्नल के बाद देखने को मिला है, इसके साथ ही क्रूड ऑयल की कीमतें भी क्रैश (Crude Oil Price Crash) नजर आई हैं.
तेजी के साथ खुले दोनों इंडेक्स मंगलवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत के साथ ही बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,566 की तुलना में तेजी लेकर खुला और करीब 800 अंकों से ज्यादा की उछाल के साथ 78,375 पर ओपन हुआ. कुछ ही मिनटों में ये तेजी और बढ़ी और 900 अंक से ज्यादा चढ़कर Sensex 78,526 पर कारोबार करता दिखा.
बात Nifty-50 की करें, तो एनएसई का ये इंडेक्स भी अपने पिछले कारोबारी बंद 24,028 की तुलना में तेजी लेकर 24,280 पर खुला था और फिर तेज रफ्तार पकड़ते हुए ये 24,303 के लेवल तक जा पहुंचा.
सोमवार को था सेंसेक्स-निफ्टी का बुरा हाल मंगलवार को शेयर बाजार निवेशकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि इससे पहले बीते कुछ दिनों से अमेरिका ईरान के बीच जारी युद्ध के चलते शेयर मार्केट लगातार क्रैश (Stock Market Crash) हो रहा था. बीते कारोबारी दिन सोमवार की बात करें, तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद 78,918.90 की तुलना में गिरकर 77,056 पर खुला और फिर 76,424 तक फिसला था. अंत में ये इंडेक्स रिकवरी मोड में नजर आया फिर भी 1352.74 अंक की गिरावट लेकर 77,566.16 के लेवल पर बंद हुआ. वहीं 23,868 पर ओपन होने के बाद 422 अंक की गिरावट लेकर 24,028.05 पर बंद हुआ था.
बाजार में तेजी का ट्रंप कनेक्शन शेयर बाजार में तेजी के पीछे के कारणों के बारे में बात करें, तो इसके पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान युद्ध को लेकर दिए गए संकेतों को माना जा रहा है. दरअसल, Donald Trump ने दावा किया है कि ईरानी सेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है और ये युद्ध अपने अंत के करीब है.
ट्रंप के इन संकेतों के बाद बीते कारोबारी दिन 115 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा कच्चे तेल का दाम अचानक भर-भराकर टूटा और ये गिरते हुए 90-91 डॉलर के आस-पास पहुंच गया. Crude Oil Pirce Crash के साथ ही ट्रंप के सिग्नल ने एशियाई बाजारों में भी बमबम कर दी और जापान, कोरिया समेत अन्य Asian Market तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए थे. विदेशी बाजारों के पॉजिटिव सेंटीमेंट का असर भारत में भी दिखा और लगातार जारी गिरावट पर ब्रेक लगा.

US-Iran War: 'जंग के जिम्मेदार देशों को निपटना होगा...', भारत ने ठुकराई ऑयल रिजर्व जारी करने की अपील
इंटरनेशलन एनर्जी एजेंसी की ओर से भारत से अपील की गई थी कि वह तेल की कीमतों को कम करने के लिए ऑयल रिजर्व जारी करे, जिसे भारत ने ठुकरा दिया है. ऐसा एक रिपोर्ट में दावा किया गया है.

फरवरी के अंत में कच्चे तेल की कीमतें 68 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अमेरिका और इज़रायल के ईरान पर हमले के बाद बढ़कर 110 डॉलर तक पहुंच गई हैं. यदि यह स्थिति इसी तरह बनी रहती है, तो आने वाले एक महीने में तेल की कीमतें 200 डॉलर तक पहुंच सकती हैं. ईरान ने UAE, सऊदी अरब, कतर और ओमान की रिफाइनरी और LNG संयंत्रों पर हमला किया है, जिससे उत्पादन रुक गया है. तेल का ये संकट दुनिया के लिए कितनी बड़ी मुश्किल खड़ी कर देगा? देखें वीडियो.











