
जंग हो या रास्ता बंद... भारत पर संकट नहीं, अब कई रास्तों से आ रहा 75% तेल
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भारत में एनर्जी संकट नहीं है, भारत अब कई रास्तों से तेल का आयात कर रहा है. सरकारी अधिकारी ने बताया कि 40 देशों से कच्चे तेल का आयात भारत करता है. ऐसे में उसने दूसरे रास्तों से तेल का आयात बढ़ा दिया है.
जंग के कारण दुनियाभर में एनर्जी संकट गहराया हुआ है. इस बीच, भारत ने अपनी एनर्जी आपूर्ति को सेफ किया है. साथ ही तेल-गैस के आयात में विविधता ला रहा है. बुधवार को सरकारी अधिकारी ने एनर्जी शिपमेंट को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया. उन्होंने कहा कि भारत अब 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' मार्ग पर निर्भर नहीं है. अब वह 75 फीसदी कच्चा तेल होर्मुज के अलावा, अन्य रास्तों से आयात कर रहा है.
सरकारी अधिकारियों ने कहा कि भारत में चल रहे संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के मद्देनजर, भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति में काफी विविधता आई है, और अब इसके 75% कच्चे तेल की प्राप्ति महत्वपूर्ण शिपिंग चेकपॉइंट के बाहर के मार्गों से हो रही है.
40 देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा भारत मार्केटिंग एवं तेल रिफाइनरी की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित बनी हुई है. हमारी दैनिक खपत लगभग 55 लाख बैरल है. अलग-अलग जगहों से खरीद के कारण वर्तमान में सुरक्षित की गई मात्रा उस मात्रा से भी अधिक है, जो सामान्य तौर पर इस अवधि में होर्मुज़ जलडमरूमध्य के माध्यम से आती है. भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है. यह जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने को लेकर एक बड़ा बदलाव है.
पहले होर्मुज से 55% कच्चा तेल आता था देश की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने वैकल्पिक स्रोतों से कच्चे तेल के विभिन्न कार्गो हासिल किए हैं. उन्होंने कहा कि भारत में, हम लगभग 40 देशों से कच्चा तेल आयात करते हैं. इसके अलावा, ओएमसी ने विभिन्न सोर्स से कच्चे तेल के कई कार्गो हासिल किए हैं और इस विविधीकरण के परिणामस्वरूप, हमारे कच्चे तेल के आयात का लगभग 75% हिस्सा अब होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर के मार्गों से आ रहा है, जबकि पहले यह 55% था.
गैस के दो बड़े कार्गो उन्होंने आगे बताया कि एलएनजी के दो कार्गो भारत के रास्ते में हैं. अधिकारी ने कहा कि कुछ ही दिनों में वे पहुंच जाएंगे, जिससे कच्चे तेल की आपूर्ति की स्थिति और मजबूत होगी. उन्होंने यह भी बताया कि रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं और कुछ रिफाइनरियां अपनी क्षमता के 100% से अधिक पर चल रही हैं.
फारस की खाड़ी में तैनात भारत के जहाज इस बीच, जहाजरानी मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में 28 भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में हैं, जिनमें से 24 होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में तैनात हैं. विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि इन जहाजों पर 677 नाविक सवार हैं, जबकि होर्मुज के पूर्व में तैनात चार जहाजों पर 101 अन्य चालक दल के सदस्य मौजूद हैं.

US-Iran War: 'जंग के जिम्मेदार देशों को निपटना होगा...', भारत ने ठुकराई ऑयल रिजर्व जारी करने की अपील
इंटरनेशलन एनर्जी एजेंसी की ओर से भारत से अपील की गई थी कि वह तेल की कीमतों को कम करने के लिए ऑयल रिजर्व जारी करे, जिसे भारत ने ठुकरा दिया है. ऐसा एक रिपोर्ट में दावा किया गया है.

फरवरी के अंत में कच्चे तेल की कीमतें 68 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अमेरिका और इज़रायल के ईरान पर हमले के बाद बढ़कर 110 डॉलर तक पहुंच गई हैं. यदि यह स्थिति इसी तरह बनी रहती है, तो आने वाले एक महीने में तेल की कीमतें 200 डॉलर तक पहुंच सकती हैं. ईरान ने UAE, सऊदी अरब, कतर और ओमान की रिफाइनरी और LNG संयंत्रों पर हमला किया है, जिससे उत्पादन रुक गया है. तेल का ये संकट दुनिया के लिए कितनी बड़ी मुश्किल खड़ी कर देगा? देखें वीडियो.











