
Gold-Silver Rates: जंग के बीच अचानक चांदी हुई 12000 रुपये सस्ती, सोने में भी भारी गिरावट
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सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. एमसीएक्स पर सोने और चांदी के भाव शाम 7.30 बजे गिरकर कारोबार कर रहे थे. चांदी की कीमत में करीब 12000 रुपये की कमी आई है.
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा हुआ है, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है और कई देशों में एनर्जी संकट भी ना हुआ है, लेकिन इसके बीच सोने-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट आई है. मल्टी कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी के भाव गिरकर ट्रेड कर रहे हैं.
बुधवार, शाम 7.30 बजे सोने के दाम 1703 रुपये गिरकर 1,61,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार रहे थे, जबकि चांदी की कीमत करीब 12000 रुपये सस्ती हो गई थी और यह 2,66,190 रुपये पर थी. सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट मंगलवार को आई तेजी के बाद आई है.
रिकॉर्ड हाई से इतना सस्ता है सोना-चांदी जनवरी में एमसीएक्स पर सोने और चांदी ने अपना रिकॉर्ड हाई लेवल लगाया था, लेकिन गिरावट के बाद यह दोबारा उस लेवल के आसपास भी नहीं पहुंच पाया है. चांदी का रिकॉर्ड हाई लेवल 4.20 लाख रुपये है. ऐसे में यह अभी 1.55 लाख रुपये सस्ती है. वहीं सोना अपने रिकॉर्ड हाई लेवल 1.93 लाख रुपये से अभी 32 हजार रुपये सस्ता है.
इंटरनेशनल स्तर पर सोने-चांदी की कीमत सोने और चांदी की कीमतें इंटरनेशनल मार्केट में भी शांत पड़ी हुई हैं. 11 मार्च 2026 के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत लगभग $5,045 - $5,277 प्रति औंस और चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमत $81 - $88 प्रति औंस के दायरे में रही.
क्यों सोने-चांदी क भाव में आई गिरावट
तेल और वैश्विक तनाव का भी असर मिडिल-ईस्ट में तनाव और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से कमोडिटी मार्केट में भी अस्थिरता बनी हुई है, जिस कारण सोने-चांदी के दाम में बुधवार को भी दबाव दिखाई दिया. एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को अभी थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है.

US-Iran War: 'जंग के जिम्मेदार देशों को निपटना होगा...', भारत ने ठुकराई ऑयल रिजर्व जारी करने की अपील
इंटरनेशलन एनर्जी एजेंसी की ओर से भारत से अपील की गई थी कि वह तेल की कीमतों को कम करने के लिए ऑयल रिजर्व जारी करे, जिसे भारत ने ठुकरा दिया है. ऐसा एक रिपोर्ट में दावा किया गया है.

फरवरी के अंत में कच्चे तेल की कीमतें 68 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अमेरिका और इज़रायल के ईरान पर हमले के बाद बढ़कर 110 डॉलर तक पहुंच गई हैं. यदि यह स्थिति इसी तरह बनी रहती है, तो आने वाले एक महीने में तेल की कीमतें 200 डॉलर तक पहुंच सकती हैं. ईरान ने UAE, सऊदी अरब, कतर और ओमान की रिफाइनरी और LNG संयंत्रों पर हमला किया है, जिससे उत्पादन रुक गया है. तेल का ये संकट दुनिया के लिए कितनी बड़ी मुश्किल खड़ी कर देगा? देखें वीडियो.











