
Pakistan Oil Crisis: कहां गया PAK का 'तेल भंडार' जिसपर फिदा थे ट्रंप? पेट्रोल 336 रुपये लीटर, सड़कों पर हाहाकार
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Pakistan Oil Crisis: मिडिल ईस्ट में युद्ध से हालात बिगड़ने लगे हैं और पाकिस्तान में बुरा हाल है. तेल की कीमतों में लगी आग के चलते शहबाज शरीफ सरकार ने बीते दिनों Petrol-Diesel Price Hike किया, तो अब एनर्जी सिक्योरिटी के लिए कोरोना के समय में लागू किए गए प्रतिबंधों पर विचार हो रहा है.
क्रूड ऑयल पर इस समय दुनिया में हाहाकार (Crude Oil Crisis) मचा हुआ है. ऐसा हो भी क्यों न आखिर अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान के युद्ध (US-Israel Iran War) ने हालात बदतर जो कर दिए हैं. जंग के बीच कुवैत-कतर जैसे देशों ने तेल-गैस सप्लाई रोकने का ऐलान किया है, तो वहीं ईरान की होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) से टैंकरों की आवाजाही रोकने से क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान (Cruse Oil Price Surge) पर पहुंच गई हैं. इसका असर भी दिखने लगा है और खासतौर पर पाकिस्तान व बांग्लादेश जैसे देशों की टेंशन बढ़ गई है. पाकिस्तान में तो कराची से लेकर लाहौर तक सड़कों पर हाहाकार मचा है, पेट्रोल पंपों पर भी भीड़ है, तो वहीं देश की सरकार ऊर्जा संरक्षण के लिए कोविड-19 के दौर में लागू किए गए प्रतिबंधों पर विचार करने लगी है.
कतर-कुवैत से होर्मुज स्ट्रेट तक का बड़ा रोल अमेरिका और इजरायल ने बीते 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए और फिर मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू हो गया. US-Israel के साथ ईरान के इस युद्ध का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमत पर दिखा है. 2022 के बाद पहली बार Brent Crude Price 100 डॉलर के पार निकला है. सोमवार को क्रूड ऑयल की कीमत करीब 25% से ज्यादा चढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई. WTI Crude Price भी 24 फीसदी चढ़कर 112 डॉलर प्रति बैरल के पार निकली.
ये हालात अमेरिका-ईरान जंग के दौरान लगातार हो रहे हमलों के चलते, कतर-कुवैत जैसे बड़े तेल उत्पादक देशों द्वारा सप्लाई रोकने के ऐलान के बाद पैदा हुए हैं, जबकि होर्मुज स्ट्रेट में तेल के टैंकरों की आवाजाही में रुकावट ने आग में घी का काम कर दिया है. दरअसल, Hormuz Strait सबसे प्रमुख समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया की खपत का 20 फीसदी तेल निकलता है.
Pakistan की सड़कों पर मच गया हाहाकार क्रूड ऑयल की कीमतों में तगड़े उछाल के चलते तमाम ऐसे देशों में असर दिखने लगा है, जो तेल आयात पर काफी हद तक निर्भर हैं. खासतौर पर पाकिस्तान में बेहद बुरा हाल है. सरकार को आनन-फानन में पेट्रोल-डीजल की कीमतें तक बढ़ानी पड़ी, Fuel Price में 50 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी करने के बाद अब Pakistan Petrol Price 336 रुपये प्रति लीटर, जबकि हाई स्पीड डीजल का भाव 321 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर पर पहुंच चुका है. फ्यूल प्राइस बढ़ने के चलते कराची, लाहौर समेत तमाम शहरों के पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ जुटी नजर आई थी.
कोरोना जैसे उपायों की पड़ी जरूरत इन कदमों से भी कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला और शहबाज शरीफ सरकार अब ऊर्जा संरक्षण के लिए Covid-19 के समय में लागू किए गए प्रतिबंधों पर विचार करने को मजबूर है. रिपोर्ट की मानें, तो Pakistan Govt आयातित पेट्रोलियम उत्पादों और RLNG की डिमांड को कम करने के लिए राष्ट्रव्यापी ऊर्जा संरक्षण रणनीति शुरू करने की तैयारी कर रही है.

US-Iran War: 'जंग के जिम्मेदार देशों को निपटना होगा...', भारत ने ठुकराई ऑयल रिजर्व जारी करने की अपील
इंटरनेशलन एनर्जी एजेंसी की ओर से भारत से अपील की गई थी कि वह तेल की कीमतों को कम करने के लिए ऑयल रिजर्व जारी करे, जिसे भारत ने ठुकरा दिया है. ऐसा एक रिपोर्ट में दावा किया गया है.

फरवरी के अंत में कच्चे तेल की कीमतें 68 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अमेरिका और इज़रायल के ईरान पर हमले के बाद बढ़कर 110 डॉलर तक पहुंच गई हैं. यदि यह स्थिति इसी तरह बनी रहती है, तो आने वाले एक महीने में तेल की कीमतें 200 डॉलर तक पहुंच सकती हैं. ईरान ने UAE, सऊदी अरब, कतर और ओमान की रिफाइनरी और LNG संयंत्रों पर हमला किया है, जिससे उत्पादन रुक गया है. तेल का ये संकट दुनिया के लिए कितनी बड़ी मुश्किल खड़ी कर देगा? देखें वीडियो.











