
Tokyo Olympic में खेलेंगे गौतमबुद्ध नगर के DM सुहास एलवाई, जीत चुके हैं गोल्ड मेडल
Zee News
सुहास एलवाई ने टोक्यो पैरा ओलंपिक के लिए अपने चयन की पुष्टि की है. उन्होंने कहा, "मैं फिर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की पुरजोर कोशिश करूंगा.
नई दिल्ली: अगने महीने से टोक्यो में होने वाले पैरलंपिक की दुनियाभर में चर्चा हो रही है. भारतीय खिलाड़ी भी इस महान प्रतियोगिता के लिए कमर कसे हुए हैं. इन सबके बीच भारत से भी पैरा ओलंपिक को लेकर एक दिलचस्प खबर आ रही है. नोएडा के डीएम अब इस खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेते नजर आएंगे. सुहास एलवाई ने टोक्यो पैरा ओलंपिक के लिए अपने चयन की पुष्टि की है. उन्होंने कहा, "मैं फिर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की पुरजोर कोशिश करूंगा. इस बार फिर स्वर्ण पदक हासिल करना मेरा लक्ष्य है." सुहास एलवाई दुनिया के नंबर-3 बैडमिंटन खिलाड़ी हैं. साल 2018 में हुए पैरा ओलंपिक में भी सुहास एलवाई ने स्वर्ण पदक हासिल किया था.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









