
Surya Grahan 2024 Timing India: साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण आज, रात को इतने बजे होगा शुरू
AajTak
Surya Grahan 2024 Timing India: 8 अप्रैल को लगने वाला सूर्य ग्रहण रात 09.12 बजे शुरू होगा. सूर्य ग्रहण का समापन रात 02.22 पर होगा. यानी सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे 10 मिनट की होगी. यह सूर्य ग्रहण सोमवती अमावस्या के दिन लग रहा है. ज्योतिषविदों का कहना है कि सूर्य ग्रहण पर ग्रह नक्षत्रों की दुर्लभ चाल देश-दुनिया पर खतरे का संकेत दे रही है.
Surya Grahan 2024 Date and Time In India: आज रात सूरज को ग्रहण लगने वाला है. सूर्य की शक्तियों को कमजोर बनाने वाला यह ग्रहण सोमवती अमावस्या पर लग रहा है. यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. ऐसा दुर्लभ सूर्य ग्रहण आज से 54 साल पहले 1970 में दिखा था. इस सूर्य ग्रहण को लेकर लोगों के मन में बहुत से सवाल भी हैं. जैसे- सूर्य ग्रहण कितने बजे लगेगा. क्या यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा. क्या भारत में सूतक काल लागू होगा. आइए आपको ऐसे सभी सवालों के जवाब विस्तार से देते हैं.
कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण? (Surya Grahan 2024 Timing) भारतीय समयानुसार, सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse 2024) 8 अप्रैल को यानी आज रात 09 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगा. सूर्य ग्रहण का समापन रात 02 बजकर 22 मिनट पर होगा.
साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण इस सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे 10 मिनट की बताई जा रही है. लेकिन दुनिया के कुछ हिस्सों में करीब साढ़े सात मिनट तक पूर्ण सूर्य ग्रहण की स्थिति बनी रहेगी. यह ऐसी स्थिति होगी जब लोगों को दिन में रात जैसी अनुभूति होगी. इसलिए इसे साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण कहा जा रहा है.
सूर्य ग्रहण का भारत पर कितना असर? (Surya Grahan 2024 Sutak Kaal) साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए भारत पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. इसमें सूतक काल के नियम भी मान्य नहीं होंगे. आमतौर पर सूर्य ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है. सूतक काल में पूजा-पाठ की मनाही होती है. लेकिन सूतक काल केवल तभी मान्य होता है, जब सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान हो. चूंकि साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी लागू नहीं होगा.
सूर्य ग्रहण का देश दुनिया पर असर (Surya Grahan 2024 Effect) यह सूर्य ग्रहण मीन राशि और रेवती नक्षत्र में लग रहा है. यह पूर्ण सूर्य ग्रहण है, जो भारत में दर्शनीय नहीं होगा. इस सूर्य ग्रहण में सूर्य, चन्द्रमा, राहु और शुक्र का संयोग बनेगा. राहु और केतु का अक्ष मीन और कन्या राशि में प्रभावशाली हो जाएगा. इसमें सूर्य, मंगल और केतु का प्रभाव बन गया है. ग्रहों की यह स्थिति दुनियाभर में राजनैतिक मोर्चे पर उथल-पुथल मचा सकती है. कन्या और मीन राशि का प्रभाव दुनियाभर में युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं के संकेत दे रहा है.
सूर्य ग्रहण का धार्मिक इतिहास (Surya Grahan 2024 History) सूर्य ग्रहण की धार्मिक मान्यता पुराणों के अनुसार पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण समुद्र मंथन के समय हुआ था. रामायण के अरण्य कांड में भी सूर्य ग्रहण का उल्लेख मिलता है. ऐसा कहा जाता है कि भगवान राम ने खर-दूषण का वध इसी दिन किया था. महाभारत काल में जिस दिन पांडव जुए में हारे थे, उस दिन भी सूर्य ग्रहण लगा था. महाभारत युद्ध के 14वें दिन सूर्य ग्रहण था. इसके अलावा, जब अर्जुन ने जयद्रथ का वध किया था और जब कृष्ण नगरी द्वारका डूबी थी, तब भी सूर्य ग्रहण था.

Portronics Zeno Go review: पोर्टोनिक्स भारतीय बाजार में मिक्स्ड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के साथ आता है. हम पिछले कुछ दिनों से ब्रांड का मिनी मसाजर इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे रिचार्ज किया जा सकता है. ये डिवाइस पोर्टेबल है, जिसकी वजह से कहीं भी आसानी से कैरी किया जा सकता है. इसमें आपको मल्टीपल मसाज हेड्स मिलते हैं. रिव्यू में हम जानेंगे कि क्या ये एक वैल्यू फॉर मनी डिवाइस है.

क्या एलॉन मस्क एक स्मार्टफोन लॉन्च करने वाले हैं? इसकी चर्चा मस्क के एक कमेंट के बाद शुरू हुई है. मस्क ने X पर Starlink Phone को लेकर एक यूजर के कमेंट का जवाब दिया है. मस्क ने कहा कि ऐसा होना असंभव नहीं है. हालांकि, उनका फोन मौजूदा स्मार्टफोन्स से काफी अलग होगा, जो मैक्सिमम परफॉर्मेंस पर फोकस करेगा.

दुबई के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली राजकुमारी 2019 में अपने पति के डर से भाग गई और ब्रिटेन में जाकर शरण ले ली. यह दावा करते हुए कि उसे अपने पति से जान का खतरा है. क्योंकि उसे पता चला था कि शेख ने पहले अपनी ही दो बेटियों का अपहरण कर लिया था और उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध दुबई वापस ले आया था. अब वह ब्रिटेन के एक गांव में अपना शाही आशियाना बना रही हैं.

Chalisa Yog: ज्योतिष शास्त्र में चालीसा योग उस स्थिति को कहा जाता है जब दो ग्रह आपस में 40 अंश (डिग्री) की दूरी पर स्थित होते हैं. इस योग का नाम ही “चालीसा” है, क्योंकि इसका संबंध 40 अंश के अंतर से होता है. चालीसा योग का प्रभाव हर राशि पर समान नहीं होता. यह ग्रहों की स्थिति, भाव और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है कि यह योग शुभ फल देगा या सावधानी की जरूरत पैदा करेगा.









