
Supreme Court पहुंचा गंगा-यमुना में बहते शवों का मामला, याचिका में हुई ये मांग
Zee News
Deadbodies found floating in Ganga and Yamuna river: नदियों में बड़े पैमाने पर शव मिलने के बाद जमकर सियासत हुई थी. बिहार जिला प्रशासन के मुताबित, 'शव यूपी से बहते हुए पहुंचे हैं. कोरोना काल में शवों का अंतिम संस्कार करना महंगा है इसलिए लोग उन्हें गंगा में प्रवाहित कर रहे हैं.'
नई दिल्ली: यूपी (Uttar Pradesh) और बिहार (Bihar) में गंगा और यमुना नदी (Deadbodies found floating in Ganga River) में बहते शवों के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. वकील विनीत जिंदल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि नदियों में तैरते और आसपास रेत में दबे शवों का यूं मिलना नदियों के पर्यावरण संतुलन को बिगाड़ रहा है. याचिका में कहा गया है कि नदियों किनारे से शवों को जल्द से जल्द हटाया जाए ताकि इको सिस्टम पर मंडरा रहे खतरे को दूर किया जा सके. नदियो के पर्यावरण संतुलन याचिका में ये भी कहा गया है कि नदियों में तैर रहे इन शवों की वजह से नदियों के आसपास रहने वालों लोगों की जिंदगी को नया खतरा हो सकता है. उन्हें किसी नए तरह का संक्रमण हो सकता है. याचिका में मांग की गई है कि सरकार 3 स्तरीय कमेटी (केंद्र, राज्य और पंचायत स्तर) का गठन करे ताकि शवों की बेअदबी न हो और उनका गरिमापूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार हो सके.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










