
Students के प्रेरणा स्त्रोत हैं IPS Premsukh Delu, संघर्ष से भरी है कहानी
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Success Story: कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद कामयाबी हासिल कर अफसर बनने वाले कई शानदार हस्तियों के बारे में हम आपको बता चुके हैं. इस कड़ी में आज उस शख्सियत की चर्चा जिन्होंने 6 साल में 12 परीक्षाएं पास की और आखिरकार आईपीएस अफसर बने
नई दिल्ली: राजस्थान के बीकानेर जिले की नोखा तहसील के गांव रासीसर के डेलू परिवार में 3 अप्रेल 1988 को एक मेधावी प्रतिभा का जन्म हुआ. जिनके माता-पिता ने बड़े अरमानों से अपने बेटे का नाम प्रेमसुख डेलू (PremSukh Delu) रखा. तब तो किसी ने भी ये नहीं सोचा था कि छोटे से गांव का ये लड़का कामयाबी की इतनी सीढ़ियां चढ़ेगा कि खुद कामयाबी की मिसाल बन जाएगा. उनकी सफलता को इस तरह भी समझा जा सकता है कि जिस देश में सरकारी नौकरी पाने के लिए लाखों प्रतिभागी कई साल तक कड़ी मेहनत करते हैं फिर भी उसे हासिल नहीं कर पाते वहीं उन्हीं परिष्थितियों के बीच इनकी 12 बार सरकारी नौकरी लग चुकी है. गुजरात (Gujarat) कैडर के आईपीएस प्रेमसुख डेलू (IPS presukh Delu) वर्तमान में अहमदाबाद में जोन 7 के डीसीपी पद पर तैनात हैं. प्रेमसुख डेलू की पत्नी का नाम (Premsukh Delu wife name) भानूश्री है. प्रेमसुख डेलू ने साल 2021 में बीकानेर की रहने वाली भानूश्री से शादी की.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









