
Sharidiye Navratri 2024 Ghatsthapana shubh muhurt: सूर्य ग्रहण के साए में होगी शारदीय नवरात्रि की घटस्थापना! नोट कर लें शुभ मुहूर्त
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2 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण रात 09 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा और सुबह 03 बजकर 17 मिनट पर समाप्त होगा. फिर 3 अक्टूबर यानी कल से शारदीय नवरात्रि भी शुरू हो रहे हैं. शारदीय नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है. ऐसे में लोगों को डर सता रहा है कि सूर्य ग्रहण के साए में वो मां दुर्गा का स्वागत कैसे करेंगे.
Surya Grahan 2024 Date: आज रात सूरज को ग्रहण लगने वाला है. यह साल का दूसरा व अंतिम सूर्य ग्रहण होगा. सूर्य ग्रहण रात 09 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा और सुबह 03 बजकर 17 मिनट पर समाप्त होगा. फिर 3 अक्टूबर यानी कल से शारदीय नवरात्रि भी शुरू हो रहे हैं. शारदीय नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है. ऐसे में लोगों को डर सता रहा है कि सूर्य ग्रहण के साए में वो मां दुर्गा का स्वागत कैसे करेंगे. आइए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण के बाद नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना का मुहूर्त क्या रहने वाला हैय
घटस्थापना पर सूर्य ग्रहण का कितना असर? (Surya Grahan 2024 Effect) ज्योतिषविदों की मानें तो यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए शारदीय नवरात्रि या प्रतिपदा तिथि पर होने वाली घटस्थापना पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. 3 अक्टूबर की सुबह साधक बिना कोई चिंता किए देवी की चौकी लगा सकते हैं और तय मुहूर्त में घटस्थापना कर सकते हैं.
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त (Shardiye Navratri 2024 Ghatsthapana Shubh muhurt) शारदीय नवरात्रि पर घटस्थापना के बाद ही नवरात्रि के व्रत प्रारंभ होते हैं. इस साल चैत्र नवरात्रि पर घटस्थापना के दो शुभ मुहूर्त बन रहे हैं. आप इच्छानुसार किसी भी शुभ मूहूर्त में घटस्थापना कर सकते हैं.
1. पहला शुभ मुहूर्त- 3 अक्टूबर को सुबह 06:30 बजे से सुबह 07:31 बजे तक.
2. दूसरा अभिजीत मुहूर्त- 3 अक्टूबर को सुबह 12.03 बजे से 12.51 मिनट तक रहेगा.
घटस्थापना से पहले जरूर करें ये काम देर रात सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद सुबह जल्दी जागें. सबसे पहले पूरे घर की साफ-सफाई करें. घर में गंगाजल का छिड़काव जरूर करें. स्नान के बाद साफ-सुथरे कपड़े पहनें. तुलसी पर गंगाजल छिड़कें. फिर अपने सामर्थ्य के अनुसार, गरीबों को खाने या इस्तेमाल की जाने वाली चीजें दान करें. जिस स्थान पर आप देवी की चौकी और कलश स्थापना करने वाले हैं, वहां साफ-सफाई करें और गंगाजल छिड़कें. इसके बाद शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करें.

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