
Schools Closed: इन 4 राज्यों ने 31 मार्च तक बंद किए स्कूल, बोर्ड एग्जाम भी प्रभावित
AajTak
Schools Closed: कई शहरों में स्कूली छात्रों में संक्रमण फैलने के कारण स्कूल बंद करने पड़ रहे हैं तो कहीं एहतियात के तौर पर ऑफलाइन क्लासेज़ का ऑप्शन बंद किया जा रहा है. इन 4 राज्यों ने अपने कोरोना हॉट स्पॉट वाले शहरों में स्कूलों को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया है.
Schools Closed: देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ती जा रही है. महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्य दोबारा लॉकडाउन लगाने को मजबूर हो रहे हैं. ऐसे में लंबे समय के बाद दोबारा खुले स्कूल भी अब संक्रमण के चलते फिर बंद होने लगे हैं. कई शहरों में स्कूली छात्रों में संक्रमण फैलने के कारण स्कूल बंद करने पड़ रहे हैं तो कहीं एहतियात के तौर पर ऑफलाइन क्लासेज़ का ऑप्शन बंद किया जा रहा है. इन 4 राज्यों ने अपने कोरोना हॉट स्पॉट वाले शहरों में स्कूलों को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया है. Punjab Schools Closed: इसमें सबसे पहला राज्य पंजाब है. पंजाब राज्य शिक्षा विभाग ने बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए सभी स्कूल और कॉलेज 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिए हैं. राज्य में बोर्ड परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं. 09 अप्रैल और 22 मार्च से शुरू होने जा रही 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं अब 04 मई और 20 अप्रैल से शुरू होंगी. राज्य के 11 जिलों में नाइट कर्फ्यू लागू किया गया है. MP Schools Closed: मध्यप्रदेश में भी कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ता दिख रहा है. राज्य के हॉटस्पॉट शहर भोपाल, इंदौर और जबलपुर में संक्रमण की हालत सबसे खराब है. इन तीन शहरों में स्कूल और कॉलेजों को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है. तीनों शहरों में नाइट कर्फ्यू और हर रविवार को लॉकडाउन भी लागू किया गया है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X, जिसे पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था, एक हफ्ते में दूसरी बार बड़े आउटेज का शिकार हुआ. शुक्रवार को भारत, अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों में करोड़ों यूजर्स को प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने में दिक्कत हुई. कई लोगों को लॉगिन पर खाली स्क्रीन दिखी. आउटेज की वजह अब तक साफ नहीं है.

कारों में दिए जाने वाले बड़े-बड़े टचस्क्रीन खतरनाक साबित हो सकते हैं. ऐसी कई रिसर्च में ये बात सामने आ चुकी है कि, सामान्य डैशबोर्ड की तुलना में ऐसी फीचर पैक्ड टचस्क्रीन वाले डैशबोर्ड ड्राइवर को ज्यादा डिस्ट्रैक्ट करते हैं. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि, कहीं हम कारों को स्मार्ट बनाने के चक्कर में खतरा तो मोल नहीं ले रहे हैं.











