
Sandeep Patil: वो खिलाड़ी जिसने 'स्वैग' के साथ लिया अपनी चोट का बदला, कहानी संदीप पाटिल के 174 रनों की
AajTak
1981 ऑस्ट्रेलिया दौरा संदीप पाटिल के लिए काफी खास माना जाता है. हालांकि इस दौरे पर संदीप को तगड़ी चोट भी लगी थी, लेकिन उस चोट के बावजूद उन्होंने अपने कैरेक्टर से और खेल से सभी का दिल जीत लिया था.
'स्वैग' एक ऐसा शब्द है जो आज कल के युवाओं की आम बोलचाल का हिस्सा है. लेकिन अपने खेल और पर्सनालिटी से इस शब्द को क्रिकेट से जोड़ने का श्रेय संदीप पाटिल को जाता है. 18 अगस्त 1956 को बैडमिंटन प्लेइंग कपल के यहां जन्म लेने वाले संदीप मधुसूदन पाटिल का खेल और उनका एटीट्यूड आज भी सबको अपना मुरीद बनाता है. भले ही संदीप पाटिल का क्रिकेट करियर काफी छोटा और काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा हो, लेकिन उन्होंने अपने खेल से प्रशंसकों की तादाद बढ़ाई.

2003 के क्रिकेट वर्ल्ड फाइनल में भारतीय टीम खिताब जीतने के लिए मैदान पर उतरी थी, लेकिन कुछ ही घंटों में ये सपना टूट गया था. रिकी पोंटिंग की तूफानी पारी, वीरेंद्र सहवाग की अकेली जंग और 'स्प्रिंग बैट' की रहस्यमयी अफवाहों ने इस मुकाबले को सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और यादगार कहानी बना दिया.












