
Russia Ukraine War: UNGA में आज भारत की 'अग्निपरीक्षा', रूस से निभाएगा दोस्ती या बूचा नरसंहार के विरोध में करेगा वोट?
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यूक्रेन की राजधानी कीव के उपनगर बूचा से सामने आई नागरिकों के शवों की भयावह तस्वीरों और वीडियो के बाद अमेरिका की राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने रूस को मानवाधिकार परिषद से हटाने के लिए UNGA में विशेष बैठक बुलाई है.
यूक्रेन पर रूस के हमलों से दुनिया भर के देशों में भारी नाराजगी है. बूचा में हुए नरसंहार की तस्वीरें आने के बाद रूस के खिलाफ आज शाम करीब सात बजे संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) से उसे बेदखल करने प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है. इसके लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में विशेष बैठक बुलाई गई है. रूस के खिलाफ यह प्रस्ताव अमेरिका ने रखा है. यह बैठक रूस के साथ-साथ भारत के लिए भी बहुत अहम है क्योंकि इस बार रूस के खिलाफ वोटिंग में भारत पर सभी की निगाहें टिकी होंगी कि वह इस बार प्रस्ताव का साथ देगा या फिर मतदान से खुद को दूर रहेगा. इस बार वोट ना देना रूस के खिलाफ ही माना जाएगा.
अमेरिका-ब्रिटेन ने बेदखली के मुद्दे को दिया जोर
यूक्रेन में हुए नरसंहार ने पूरी दुनिया को दो हिस्सों में बांट दिया है. बड़ा हिस्सा रूस के खिलाफ है और एक छोटा हिस्सा उसके साथ. दुनिया के ज्यादातर देश कई तरह की प्रतिबंध लगाकर रूस को अलग-थलग करने के अभियान में जुटे हैं. कीव के उपनगर बूचा से सामने आई नागरिकों के शवों की भयावह तस्वीरों और वीडियो के बाद संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड ने रूस को मानवाधिकार परिषद से हटाने का आह्वान किया था. इससे पहले अमेरिका के साथ ब्रिटेन भी परिषद से रूस को बाहर करने की बात कह चुका है.
इस बार इसलिए भारत का वोट करना जरूरी
यूएनएचआरसी में वोटिंग भारत के लिए एक बड़ा इम्तिहान है क्योंकि 4 मार्च के प्रस्ताव पर भारत वोटिंग से दूर रहा था. इससे रूस को मजबूती मिली थी. इस बार भारत ने अगर वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया तो इससे रूस को कोई मदद नहीं मिलेगी क्योंकि प्रस्ताव पारित होने के लिए कुल मतों के दो-तिहाई की ही जरूरत होगी.
इसलिए मजधार में फंस गया भारत

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