
Russia-Ukraine War: यूक्रेन के हाथ से निकलता जा रहा मारियूपोल, जेलेंस्की ने NATO देशों को ठहराया जिम्मेदार
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यूक्रेन में 32 वें दिन भी रूस ताबड़तोड़ हमले कर रहा है. आसमान-जमीन के बाद रूस ने समंदर से भी हमले की बौछार की. ब्लैक सी से रूसी शिप ने यूक्रेन के दक्षिणी शहरों पर दनादन मिसाइल दागे हैं. रूस अब यूक्रेन के परमाणु ठिकानों को निशाना बना रहा है. खारकीव में रूसी सेना ने न्यूक्लियर लैब पर रॉकेट दागा जिससे रेडियेशन फैलने का खतरा हो गया है. इससे पहले भी रूस पर न्यूक्लियर पावर प्लांट को निशाना बनाने के आरोप लगे हैं. बता दें कि मारियूपोल अब यूक्रेन के हाथ से निकलता जा रहा है. रूसी सेना लगातार आगे बढ़ रही है और हमले पर हमले कर रही है. देखें वीडियो.

मध्य पूर्व में बढ़ती अमेरिकी सैन्य तैनाती के बीच ईरान पर संभावित हमले की आशंकाएं तेज हैं. सीमित स्ट्राइक से लेकर शासन परिवर्तन, सैन्य शासन, क्षेत्रीय जवाबी हमले और होर्मुज स्ट्रेट में बाधा तक कई परिदृश्य सामने हैं. किसी भी कदम का असर सिर्फ ईरान नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.











