
Rich and Poor Mindset: आप अमीर क्यों नहीं बन पा रहे... एक ही कारण, 90% लोगों की यही समस्या!
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देश में 90 फीसदी से ज्यादा लोग एक ही मानसिकता के साथ फ्यूचर प्लान को लेकर कदम बढ़ाते हैं, जो कि उनके लिए गलत साबित होता है. यानी निवेश को लेकर देश में 90% लोगों के सोचने का नजरिया गलत है.
हर किसी को अमीर (Rich) बनना है, लेकिन कुछ लोग ही लक्ष्य तक पहुंच पाते हैं, बाकी लोग सोचने में ही समय लगा देते हैं. आप अधिकतर लोगों से ये सुना होगा कि खा-पीकर जो बचता है, उसे जमा कर देते हैं, फ्यूचर के लिए वही सहारा होगा. उन्हें ये पता है कि फ्यूचर में आर्थिक मजबूती जरूरी है. लेकिन तरीका जो है, वो गलत है.
दरअसल, हमारे देश में अधिकतर लोग रिटायरमेंट प्लान कहें, या फिर फ्यूचर प्लान को लेकर सीरियस नहीं दिखते, ऐसे लोगों का नपा-तुला एक ही जवाब होता है कि जब होगा... तब देख लेंगे. लेकिन इसी कारण से लोग आर्थिक तौर पर कभी भी आत्मनिर्भर नहीं हो पाते.
क्योंकि आप जॉब करते हैं, उस दौरान आपको हर महीने सैलरी मिलती है, जिससे सभी खर्च आसानी से पूरा हो जाता है. लेकिन समस्याएं तब आती हैं, जब हाथ में जॉब नहीं होता है और फिजिकली तौर पर लोग काम करने के लिए सक्षम नहीं होते, खासकर बुढ़ापे में दवाई से लेकर तमाम सुविधाओं के लिए पैसों की ही जरूरत होती है.
अमीर बनना है तो करें ये काम
अब आपको बताते हैं कि लोग पढ़े-लिखे होने के बावजूद कहां गलती करते, जिस वजह वो अमीर नहीं बन पाते. इसका एक ही कारण है. बता दें, देश में 90 फीसदी से ज्यादा लोग एक ही मानसिकता के साथ फ्यूचर प्लान को लेकर कदम बढ़ाते हैं, जो कि उनके लिए गलत साबित होता है. यानी निवेश को लेकर देश में 90% लोगों के सोचने का नजरिया गलत है. शायद आप भी इसी तरह से सोचते होंगे, इसमें आपकी गलती नहीं है, माहौल ही ऐसा है, फिर उससे कोई बाहर कैसे हो सकता है.
लेकिन सच ये है कि अगर आपको अमीर बनना है तो उसके लिए सेविंग (Saving) जरूरी है. अब आप कहेंगे, सेविंग तो अधिकतर लोग कर ही रहे हैं. आप किसी से भी सेविंग को लेकर पूछो, जवाब एक ही होता है कि मंथली खर्चे के बाद जो पैसे बचते हैं, उसे निवेश कर देते हैं. जबकि कुछ लोग ऐसे भी मिल जाते हैं कि जिनका तर्क होता है कि खर्चे ही इतना ज्यादा है कि सैलरी से पूरी नहीं हो पाती, इस वजह से एक पैसा भी नहीं बचा पाते हैं. सबसे पहले इसी मानसिकता को बदलने की जरूरत है.

कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो 1 अप्रैल से आपको इसके लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे. टाटा मोटर्स ने अपनी पेट्रोल, डीजल और सीएनजी कार्स की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है. मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्लू ने भी कीमतों में इजाफा का ऐलान किया है. संभव है कि दूसरी कंपनियां भी जल्द ही प्राइस हाइक का ऐलान कर सकती हैं.












