
Republic Day: संसद बवाल कांड से सबक, गणतंत्र दिवस की परेड में जूतों और जैकेट पर होगी विशेष नजर, तीन लेयर की सुरक्षा से गुजरेंगे लोग
AajTak
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली को छावनी में बदलने की तैयारी है. राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के करीब 60 हजार जवान सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण करेंगी. कार्यक्रम में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि होंगे.
Republic Day 2024: देश शुक्रवार (26 जनवरी) को अपना 75वां गणतंत्र दिवस मनाएगा. कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह में परेड को लेकर खास तैयारी की गई है. वहीं, संसद बवाल कांड से सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी की किलेबंदी पूरी कर ली है. इस बार तलाशी से लेकर सुरक्षा पर विशेष नजर रखी जाएगी. कर्तव्य पथ तक पहुंचने के लिए कुल तीन लेयर की सुरक्षा से गुजरना होगा. खासतौर पर जूतों और जैकेट पर नजर रखी जाएगी.
बता दें कि 13 दिसंबर को संसद भवन पर हुए हमले की 22वीं बरसी थी. उसी दिन दोपहर एक बजे संसद की विजिटर गैलरी यानी दर्शक दीर्घा से दो शख्स अचानक नीचे कूद गए और हंगामा करने लगे. दोनों ने नारेबाजी की, फिर जूते में छिपाकर रखा गया कलर स्प्रे निकाला और हवा में उड़ा दिया. इससे सांसदों में डर फैल गया. हालांकि, बाद में दोनों आरोपियों को पकड़ा गया और पुलिस के हवाले कर दिया. ठीक उसी समय संसद के बाहर भी दो लोगों को हंगामा करते वक्त पकड़ा गया था. इसमें एक महिला और एक युवक शामिल था. संसद भवन के बाहर दिल्ली पुलिस का पहरा था. ये आरोपी सुरक्षाबलों को चकमा देकर अंदर कलर स्प्रे ले गए थे.
'तलाशी और सुरक्षा में मुस्तैदी बरतेंगे जवान'
इस घटना से दिल्ली पुलिस ने सबक लिया और 26 जनवरी पर सिक्योरिटी का खास इंतजाम किया है. इस बार तलाशी और सुरक्षा में तैनात जवानों को जूतों पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया है. शुक्रवार को कर्तव्य पथ तक पहुंचने के लिए लोगों को एक नहीं, बल्कि फ्रिस्किंग के तीन लेयर से गुजरना होगा.
'सिक्के लेकर भी नहीं आ सकेंगे मेहमान'
खासतौर से जिनके शॉल थोड़े मोटे होंगे, उन पर नजर रखी जाएगी. सीसीटीवी कंट्रोल रूम में तैनात पुलिस कर्मियों को भी हिदायत दी गई है कि वो लोगों पर पूरी तरह नजर बनाए रखें. खासतौर से जैकेट और जूतों पर ध्यान दें. पुलिस ने पहले ही लोगों से उन समान को लाने से मना किया है, जिसे फेंका जा सके. इसमें सिक्के भी शामिल हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








