
Rajasthan: Police Constable को नंगा करके पीटा, विधवा के साथ कर रहा था ये काम
Zee News
Police Constable Beaten Up By Villagers: वायरल वीडियो में गांव वाले कहते नजर आ रहे हैं कि कांस्टेबल आए दिन गांव में आकर रौब झाड़ता है. महिला के घर पर नॉनवेज पार्टी करता है. महिला विधवा है, उसकी तीन बेटियां हैं. कांस्टेबल की बेटियों पर बुरी नजर थी.
प्रतापगढ़: राजस्थान (Rajasthan) के प्रतापगढ़ (Pratapgarh) जिले में आदिवासी बहुल घंटाली थाना इलाके के एक गांव में पुलिस कांस्टेबल (Police Constable) को स्थानीय लोगों ने नंगा करके पीटा. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल (Viral Video) हो रहा है. बाद में पुलिस गांव वालों को समझा-बुझाकर कांस्टेबल को अपने साथ ले गई. बता दें कि कांस्टेबल पीपलखूंट थाने में तैनात है और किसी के बुलावे पर वहां गया था. पुलिस ने सिपाही की शिकायत के आधार पर गांव वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है. पुलिस के अनुसार, कांस्टेबल लालूराम खराड़ी ने पानघाटी गांव में एक महिला को 15 हजार रुपये उधार दिए हुए थे. वह महिला से उधार रुपये वापस लेने गया था. वहां महिला के कहने पर वह खाना खाने लगा. खाने में नॉनवेज था. इसकी भनक जब महिला के देवर और जेठ के परिवार को मिली तो वे ग्रामीणों के साथ वहां पहुंच गए. वो लोग कांस्टेबल पर आए दिन गांव आने और मीट पार्टी करने का आरोप लगाकर उसकी पिटाई करने लगे.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










