
Pune Accident Case: अश्वनी के पिता की CJI से मांग, जल्द पूरी हो मामले की सुनवाई, आरोपी को मिले सजा
AajTak
पुणे पोर्श कार एक्सीडेंट केस में मारे गए सॉफ्टवेयर इंजीनियर अश्वनी कोष्टा के पिता ने मुख्य न्यायधीश से गुहार लगाई है कि उनके बेटे के मामले की सुनवाई जल्द पूरी हो और आरोपी को सजा मिले. उन्होंने आशंका जताई कि ऐसा ना हो कि आरोपी जमानत पर बाहर आकर किसी और को कुचल दे.
पुणे में पोर्श कार हिट एंड रन केस में किशोर न्याय बोर्ड के फैसले के बाद मृतक अश्विनी के पिता का बयान सामने आया है. जबलपुर के रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहे अश्वनी कोष्टा के पिता सुरेश कोष्टा ने पूरे केस की जल्द से जल्द सुनवाई पूरी करने की मांग की है. अश्विनी कोष्टा के पिता ने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ से यह गुहार लगाई है.
अश्विनी के पिता ने फास्ट ट्रैक के माध्यम से पूरे मामले की सुनवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द निर्णय होकर गुनहगार को सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सुनवाई में जितना समय लगता है न्याय व्यवस्था से उतना भरोसा उठता है. उन्होंने आगे कहा कि अगर केस पर ढिलाई बरती गई तो इससे पूरा प्रकरण दबने लगता है.
यह भी पढ़ें: पुणे केस में नाबालिग की जमानत रद्द होने से न्याय की शुरुआत, सुधीर चौधरी के साथ ब्लैक एंड व्हाइट
'क्या पता बाहर आकर फिर किसी को कुचल दे'
अश्विनी कोष्टा के पिता ने आशंका जताई कि ऐसा ना हो कि आरोपी जमानत पर बाहर आकर किसी और को कुचल दे. उन्होंने कहा कि कार्रवाई हो रही है अच्छी बात है. उन्होंने कहा कि अगर उनके बेटे के केस में जल्द निर्णय होकर सजा मिलेगी तो आगे के लिए मिसाल बन बनेगा.
आरोपियों की हिरासत के लिए पुलिस ने बताए ये कारण

मर तो वो 13 साल पहले गया था लेकिन मौत सचमुच तब उसके हिससे में आई जब इस चिता में लेटने के बाद जब हरीश की आत्मा की लाइट यानी रोशनी चिता से उठती इस आग के साथ मिलकर हमेशा-हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई. पर इस दुनिया को छोड़ने से पहले हरीश आजादा भारत के इतिहास का पहला भारतीय बन गया जिसे अदालत और अस्पताल ने मिलकर मां-बाप की इच्छा को ध्यान में रखते हुए इच्छामृत्यु दी.

पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में खानेखाखा की खराब गुणवत्ता की शिकायत पर भारतीय रेलवे ने IRCTC पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. साथ ही संबंधित सर्विस प्रोवाइडर पर 50 लाख का जुर्माना लगाकर उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के आदेश दिए गए हैं. रेलवे ने यात्री सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है.

आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि हाफ सीजफायर' के बाद अमेरिका की बातचीत ईरान के किस Respected Leader से चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इस बात का दावा कर रहे हैं. लेकिन आज ईरान ने पूछा है कि वो Respected Leader कौन है. और Respected Leader से बातचीत चल रही है तो पाकिस्तान के जरिये 15 शर्तों का प्रस्ताव क्यों भेजा है. उससे भी बड़ी बात ये है कि ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को कूड़ेदान में फेंकते हुए सुपर पावर अमेरिका को अपनी शर्तें बता दी हैं. और कहा है कि सीजफायर छोड़ो, अब ईरान तभी रुकेगा जब अमेरिका उसकी 5 शर्तें मानेगा. इन शर्तों में ईरान ने कहा कि उसे युद्ध में हुए नुकसान का पूरा हर्जाना मिलना चाहिए. ईरान की टॉप लीडरशिप पर हमले बंद होने चाहिए, सारे प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए. ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए.










