
PPF या म्यूचुअल फंड... जानिए कहां पैसे लगाकर बन सकते हैं पहले करोड़पति? ये है गणित
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PPF में पैसे लगाने पर इनकम टैक्स (Income Tax) में सेविंग का विकल्प मिलता है. पीपीएफ के इन्वेस्टर्स को डिपॉजिट पर ब्याज मिलता है और ब्याज से होने वाली इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है.
हर किसी के लिए फ्यूचर प्लान एक जैसा नहीं होता है. लोग फ्यूचर प्लान के हिसाब से निवेश के तरीके अपनाते हैं. क्योंकि कुछ लोग रिस्क लेने की स्थिति में होते हैं, तो कुछ सुरक्षित निवेश की तरफ भागते हैं. दोनों तरीकों के एक-एक उदाहरण की बात करें तो अधिक रिटर्न देने के मामले में म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) लोगों के लिए पसंदीदा है, तो सुरक्षित माध्यमों में पीपीएफ (PPF) सबसे बेहतर विकल्पों में से एक है.
आइए जानते हैं कि इन दोनों में क्या फर्क है, दोनों में कौन ज्यादा फायदेमंद हैं और किस स्कीम से आप जल्दी करोड़पति बन सकते हैं...
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): यह एक ऐसा स्कीम है जो फ्यूचर के लिए सेविंग (Saving) करने में तो मदद करता ही है, साथ ही इनकम टैक्स (Income Tax) की भी बचत कराता है. पीपीएफ के इन्वेस्टर्स को डिपॉजिट पर ब्याज मिलता है और ब्याज से होने वाली इस इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है. पीपीएफ स्कीम के कुछ फायदे इस प्रकार हैं:
गवर्नमेंट से सिक्योर्ड- निवेश की गारंटी सरकार लेती है. सेक्शन 80C के तहत टैक्स से छूट- PPF में निवेश कर सालाना अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का आयकर में छूट ले सकते हैं. 500 रुपये भी जमा करने की सुविधा- आप महज 500 रुपये से PPF में निवेश की शुरुआत कर सकते हैं. ब्याज से तय इनकम
म्यूचुअल फंड: इसमें इन्वेस्टर अपना पैसा डालता है, जिसे प्रोफेशनल लोग मैनेज करते हैं. इन्वेस्टर्स के पैसों को प्रोफेशनल लोग अपने हिसाब से कई जगहों पर लगाते हैं, खासकर शेयर बाजार (Stock Market) में लगाते हैं. म्यूचुअल फंड में पैसे लगाने के ये फायदे हैं:
- अधिक रिटर्न - फंड को प्रोफेशनल मैनेज करते हैं. - एसआईपी के साथ ही लम्प सम्प के विकल्प. - छोटी रकम से भी शुरुआत की सुविधा.

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