
'PoK में मारे गए लश्कर कमांडर की मौत का बदला था अनंतनाग हमला', आतंकी गुट ने किया दावा
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सूत्रों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा के ही एक संगठन रेजिस्टेंस फ्रंट ने दावा किया कि अनंतनाग में हमला पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मारे गए लश्कर कमांडर रियाज अहमद की हत्या के बदले के रूप में लिया गया है.
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग में बुधवार को आतंकवादियों के साथ भीषण मुठभेड़ में भारतीय सेना के दो जाबांज अधिकारी, एक जवान और एक पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) शहीद हो गए. सूत्रों के मुताबिक, हमले की जिम्मेदारी लेने वाले लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने कहा कि उसने रियाज अहमद की हत्या का बदला लेने के लिए यह हमला किया है. इसी महीने की शुरुआत में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लश्कर कमांडर रियाज अहमद की हत्या कर दी गई थी.
पीओके में हुई थी रियाज की हत्या
लश्कर कमांडर रियाज अहमद, जिसका कोडनेम कासिम था. उसकी 8 सितंबर को पीओके के रावलकोट क्षेत्र में अल-कुदुस मस्जिद के अंदर करीब से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. सूत्रों के अनुसार, उसकी मौत से लश्कर ए- तैयबा में हडकंप मच गया था, जिसके कारण कोकेरनाग में जवाबी हमला किया गया. अहमद का पिता भी एक आतंकवादी था जो 2005 में मारा गया था.
3 जाबांज अफसर शहीद
कोकेरनाग में यह मुठभेड़ उस समय हुई जब जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना वहां अपने संयुक्त उग्रवाद विरोधी अभियान में जुटी हुई थी. गोलीबारी के दौरान पहले अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में शहीद हो गए. शहीद अधिकारियों की पहचान कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोनैक और डीएसपी हुमायूं भट के रूप में की गई है. कर्नल सिंह, जो 19 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर थे, की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि मेजर धोनैक और डीएसपी भट ने बाद में दम तोड़ दिया.
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