
PMLN को पीएम पोस्ट, PPP को राष्ट्रपति, स्पीकर का ऑफर, नवाज-बिलावल के बीच तैयार हुआ पावर शेयरिंग का फॉर्मूला!
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पीएमएल-एन ने प्रधानमंत्री का पद अपने पास रखने का प्रस्ताव दिया है, और इसके बदले उसने पीपीपी को राष्ट्रपति का पद, नेशनल असेंबली में स्पीकर का पद और सीनेट चेयरमैन की कुर्सी की पेशकश की है. उधर जेयूआई-एफ नेता मौलाना फजलुर रहमान ने गठबंधन सरकार बनाने के मसले पर बुधवार तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है.
पाकिस्तान में 8 फरवरी को हुए आम चुनाव के बाद किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला और न ही जोड़-तोड़ से जरिए अब तक कोई सरकार बन सकी है. आम चुनाव के नतीजे घोषित हुए 48 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका है और अब जाकर देश की प्रमुख पार्टियों के बीच बातचीत और बैठकों की दौर में तेजी देखने को मिल रही है. इसी सिलसिले में नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन और बिलावल भुट्टो की पीपीपी ने केंद्र में सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से से राय-परामर्श शुरू कर दिया है.
सरकार बनाने को लेकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के साथ हुई बैठक और बातचीत को लेकर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने जेयूआई-एफ के नेता मौलाना फजलुर रहमान से बात की और इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए उन्हें अपने विश्वास में लेने की कोशिश की. साथ ही पीएमएल-एन अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने सरकार बनाने को लेकर उनसे समर्थन भी मांगा. इस पर जवाब देते हुए जेयूआई-एफ नेता मौलाना फजलुर रहमान ने बुधवार तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने की बात कही है.
इसी तरह पीएमएल-एन की एक बैठक लाहौर में मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (एमक्यूएम) के साथ थी हुई. आज इस्लामाबाद में पीएमएल-एन की एक बैठक शुजात हुसैन के नेतृत्व वाली पीएमएल-क्यू के साथ होनी है. डॉन ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पीएमएल-एन ने पीडीएम गठबंधन सरकार की तरह ही प्रधानमंत्री का पद अपने पास रखने का प्रस्ताव दिया है, और इसके बदले उसने पीपीपी को राष्ट्रपति का पद, नेशनल असेंबली में स्पीकर का पद और सीनेट चेयरमैन की कुर्सी की पेशकश की है. इस सिलसिले में पीपीपी नेताओं ने इस्लामाबाद में आज होने वाली बैठक में केंद्रीय कार्यकारी समिति से विचार विमर्श करने की बात कही है.
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ऐसा रहा चुनाव परिणाम
चुनाव नतीजों पर अगर नजर डालें तो कई मामलों मे सजा काट रहे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) द्वारा समर्थित इंडिपेंडेंट उम्मीदवार ने 266 सदस्यीय नेशनल असेंबली में 101 सीटें प्राप्त करके जनमत का सबसे बड़ा हिस्सा अपने नाम किया है. इसके बाद तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) 75 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है. अगर तकनीकी रूप से देखा जाए तो नवाज की पार्टी फिलहाल संसद में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. वहीं बिलावल जरदारी भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को 54 सीटें हाथ लगी है जबकि विभाजन के दौरान भारत से गए उर्दू भाषी लोगों की कराची स्थित मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) को आम चुनाव में 17 सीटें मिलीं हैं. अन्य छोटी पार्टियों ने 12 सीटों पर जीत हासिल की है.

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