
PM मोदी ने नवीन पटनायक को बताया 'मित्र' तो भड़क उठी कांग्रेस, क्या बदलने वाले हैं ओडिशा में समीकरण?
AajTak
पीएम मोदी ओडिशा के संबलपुर आईआईएम कैंपस का उद्घाटन करने पहुंचे थे. उन्होंने मंच पर सीएम पटनायक को अपना मित्र बताया, जिसको लेकर कांग्रेस भड़क गई और उसने बीजेपी-बीजेडी के बीछ पॉलिटिकल पार्टनर होने का आरोप लगाया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के संबलपुर में आईआईएम कैंपक का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने सीएम पटनायक को अपना मित्र बताया, जिसको लेकर कांग्रेस भड़क गई है. ओडिशा कांग्रेस प्रभारी अजॉय कुमार ने बीजेपी और बीजेडी को राजनीतिक साझेदार बताया है.
संबलपुर आईआईएम कैंपस का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा था, "मुख्यमंत्री, मेरे मित्र श्रीमान नवीन पटनायक जी." वहीं सीएम पटनायक ने भी पीएम मोदी को आदर दिया. उन्होंने पीएम मोदी को "माननीय प्रधान मंत्री जी" कहकर संबोधित किया. पटनायक ने अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर ओडिशा आने और आईआईएम संबलपुर के नए परिसर के उद्घाटन की शोभा बढ़ाने के लिए मोदी को धन्यवाद दिया.
कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस ने इस पर रिएक्शन देते हुए कहा कि पीएम ने नवीन पटनायक और उनके करीबी सहयोगी वीके पांडियन के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला. ओडिशा कांग्रेस प्रभारी अजॉय कुमार ने आरोप लगाया कि इससे साबित होता है कि बीजेडी और बीजेपी दोनों साथ हैं. इसीलिए हमने हाल ही में उनकी प्रतीकात्मक शादी का आयोजन किया. वे एक छिपे हुए गठबंधन में हैं और पांडियन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ चर्चा करके बंधन स्थापित किया था. बीजेडी अब कोई अलग पार्टी नहीं है, यह अब बीजेपी बन गई है.
ओडिशा बीजेपी अध्यक्ष मनमोहन सामल ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा, "उन्होंने (पीएम) संकेत दिया है कि कुछ पार्टियां विकास कार्यों का विरोध कर रही हैं. अब लोग देख सकते हैं कि अगर बीजेपी राज्य में सरकार बनाती है तो उनके लिए क्या किया जा सकता है."
पटनायक ने पीएम मोदी को लेकर क्या कहा?

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कॉलेज पॉलिटिक्स से सियासी सफर का आगाज किया था. मुख्य धारा की राजनीति के डेब्यू चुनाव में हिमंत को हार का सामना करना पड़ा था. दूसरे प्रयास में पहली जीत का स्वाद चखने वाले हिमंत न सिर्फ असम की सत्ता के शीर्ष पर काबिज हुए, बल्कि पूर्वोत्तर पॉलिटिक्स की धुरी बनकर भी उभरे.

दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुई हत्या के बाद पैदा हुए तनाव को देखते हुए ईद-उल-फितर से पहले सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी, फ्लैग मार्च और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तेज कर दी है. हाई कोर्ट ने भी पुलिस को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि हालात किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं चाहिए और शांति बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए.











