
कश्मीर में बर्फबारी से बदला मौसम, सैलानियों की हुई चांदी, उत्तर भारत में बढ़ी ठंड
AajTak
जम्मू-कश्मीर में मौसम ने करवट बदल ली है और पहाड़ों पर जमकर बर्फबारी हो रही है. कश्मीर घाटी में जहां सैलानी बर्फबारी का लुत्फ उठा रहे हैं वहीं स्थानीय लोगों के लिए ठंड बढ़ने की वजह से कई दिक्कतें शुरू हो गई है. जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी का असर उत्तर भारत के मौसम पर भी पड़ा है और मैदानी हिस्सों में भी बारिश के बाद तापमान नीचे गिर गया है.

Kanhaiya Mittal Controversy: प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल एक बार फिर अपने तीखे तेवर और विवादों के कारण चर्चा में हैं. राजस्थान के अलवर में आयोजित एक भक्ति संध्या के दौरान साउंड ऑपरेटर से हुई उनकी भिड़ंत ने अब 'सोशल मीडिया वॉर' का रूप ले लिया है. गायक की इस 'अकड़' पर लोग उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं.

दिल्ली के पालम इलाके में हुए भीषण अग्निकांड में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत के बाद गुरुवार को शोक सभा के दौरान आम आदमी पार्टी और बीजेपी नेताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते नौबत हाथापाई तक पहुंच गई. जिससे मौके पर तनाव फैल गया. इस झड़प में पूर्व AAP विधायक को भी चोट लगने की भी खबर है.

पहाड़ों पर जबरदस्त बर्फबारी जारी है. कारण है सक्रीय हुआ एक नया पश्चिमी विक्षोभ. इस तगड़ी मौसमी गतिवधि ने पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम को बदल दिया है. जम्मू, हिमाचल से लेकर उत्तराखंड तक एक तरफ बर्फबारी का दौर जारी है तो इसी कारण मैदानी इलाके जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी में लगातार बारिश हो रही है. राजस्थान और कर्नाटक में तो जबरदस्त ओलावृष्टि देखने को मिली है.

देश में चल रहे एलपीजी गैस संकट का असर अब मुंबई में भी छोटे कारोबारियों पर साफ दिखने लगा है. गैस सिलेंडर की कमी से जूझ रहे दुकानदार अब वैकल्पिक उपाय अपनाने को मजबूर हैं. मुंबई में कई दुकानदार इलेक्ट्रिक स्टोव और चाय-कॉफी वेंडिंग मशीनों की ओर रुख कर रहे हैं. चाय विक्रेता इंद्रजीत जोशी ने भी सूरत से इलेक्ट्रिक मशीन मंगवाई है, ताकि सिलेंडर की कमी के बावजूद उनका काम बंद न हो और ग्राहक दोबारा लौट सकें.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कॉलेज पॉलिटिक्स से सियासी सफर का आगाज किया था. मुख्य धारा की राजनीति के डेब्यू चुनाव में हिमंत को हार का सामना करना पड़ा था. दूसरे प्रयास में पहली जीत का स्वाद चखने वाले हिमंत न सिर्फ असम की सत्ता के शीर्ष पर काबिज हुए, बल्कि पूर्वोत्तर पॉलिटिक्स की धुरी बनकर भी उभरे.








