
PM की मीटिंग का असर! गुजरात में नाराज कर्मचारियों की समस्याएं सुनेगी 5 मंत्रियों की कमेटी
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गुजरात में विधानसभा चुनाव में अब सिर्फ तीन महीने का समय बचा है. ऐसे में बीजेपी पूरे चुनावी अभियान को रणनीति के तहत फतह करने की तैयारी में है. इस बीच, पिछले लंबे वक्त से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने वाले सरकारी कर्मचारी की गूंज का असर दिखाई देने लगा है.
गुजरात में चुनाव से पहले बीजेपी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की नाराजगी को दूर करने की तैयारी कर ली है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीजेपी कार्यालय में मीटिंग के 24 घंटे के अंदर भूपेंद्र पटेल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकारी कर्मचारी की समस्याओं के निस्तारण के लिए 5 मंत्रियों की एक कमेटी गठित कर दी है. ये कमेटी आंदोलन करने वाले कर्मचारियों से मुलाकात करेगी और समस्याओं का निदान कराएगी.
बता दें कि गुजरात में विधानसभा चुनाव में अब सिर्फ तीन महीने का समय बचा है. ऐसे में बीजेपी पूरे चुनावी अभियान को रणनीति के तहत फतह करने की तैयारी में है. इस बीच, पिछले लंबे वक्त से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने वाले सरकारी कर्मचारी की गूंज का असर दिखाई देने लगा है. 24 घंटे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात के बाद गुजरात सरकार एक्शन में आ गई है.
इन मंत्रियों को कमेटी में शामिल किया
गुजरात सरकार ने सोमवार को तय किया कि आंदोलन को खत्म करने के लिए सरकारी कर्मचारियों की बात सुनी जाएगी. इसके लिए गुजरात सरकार के पांच मंत्रियों की एक कमेटी बनाई गई है. इस कमेटी में सरकार के पांच मंत्री हर्ष संधवी, जीतू वाधाणी, कनु देसाई, ब्रिजेश मेरजा और रुषिकेश पटेल को शामिल किया गया है.
कर्मचारियों की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती है बीजेपी
दरअसल, माना जा रहा है कि सरकारी कर्मचारियों का आंदोलन जल्द खत्म नहीं होता है तो बीजेपी को इसका खामियाजा विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है. इसके साथ ही AAP नेता अरविंद केजरीवाल को गुजरात सरकार पर निशाना साधने का एक और मौका मिल जाता. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने रविवार को बीजेपी दफ्तर में मीटिंग की थी. माना जा रहा है कि इस बैठक में नाराज कर्मचारियों की समस्या भी उठी और उसे हल करने का आश्वासन दिया गया है.

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