
Paytm और PhonePe को टक्कर देने की तैयारी में Google, जानें क्या है कंपनी का प्लान
AajTak
ज्यादातर दुकानों पर जब आपने UPI पेमेंट किया होगा तो आपको ट्रांजैक्शन की आवाज आई होगी. ये आवाज साउंडबॉक्स के जरिए आती है. Paytm और PhonePe के साउंडबॉक्स से ट्रांजैक्शन का वॉयस अलर्ट मिलता है. अब Google भी साउंडबॉक्स के मामले में Paytm और PhonePe को टक्कर देने की प्लानिंग कर रहा है.
UPI Payment का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ा है. इससे लोग UPI-लिंक्ड मोबाइल से ही पेमेंट कर देते हैं. ऐसे में सभी UPI-ट्रांजैक्शन का हिसाब रखना मर्चेंट के लिए पॉसिबल नहीं रहता है. साउंडबॉक्स से मर्चेंट को पेमेंट रिसीव का मैसेज मिलता है. इससे यूजर्स को एक वॉयस अलर्ट जारी किया जाता है. अब इस रेस में Google भी उतर रहा है.
आपने इससे पहले Paytm या दूसरे UPI ऐप्स से मिलने वाले वॉयस अलर्ट को सुना होगा. जब आप किसी दुकान पर पेमेंट करते हैं तो साउंडबॉक्स से पेमेंट मिलने की आवाज आती है. इससे यूजर और मर्चेंट दोनों को फायदा मिलता है. रिपोर्ट के अनुसार, Google भी साउंडबॉक्स का ट्रायल कर रहा है.
इंटरनेट मार्केट का बड़ा प्लेयर है गूगल
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट मार्केट है और नेट की दुनिया में गूगल एक बड़ा प्लेयर है. लेकिन, गूगल के लिए अभी भारत में कठिन समय चल रहा है. इसके एंड्रॉयड सिस्टम में डॉमिनेंट पॉजिशन पर एजेंसी की नजर है और इसपर भी फाइन लगाया गया है.
TechCrunch की रिपोर्ट के अनुसार, Google ने साउंडबॉक्स का पायलट प्रोजेक्ट भारत में सेलेक्टेड जगहों पर शुरू किया है. इसको कंपनी ने Soundpod by Google Pay नाम दिया है. इसको नई दिल्ली समेत उत्तर भारत में बांटा जा रहा है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी गूगल पे मर्चेंट को बिना किसी एडिशनल कॉस्ट के ये साउंडबॉक्स दे रही है. साथ ही गूगल पे के इस साउंडबॉक्स को दूसरे मर्चेंट को देने के लिए भी टाइम फ्रेम सेट किया जा रहा है. इस डिवाइस में बिल्ट-इन स्पीकर, LCD स्क्रीन और QR कोड दिया गया है.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












