
Parkash Singh Badal: 94 साल के सबसे उम्रदराज उम्मीदवार, जो 5 बार संभाल चुके पंजाब की कमान
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Parkash Singh Badal: खास बात यह है कि प्रकाश सिंह बादल 1970 में जब पहली बार मुख्यमंत्री बने तो वह देश में सबसे कम उम्र यानी 43 साल के किसी राज्य के मुख्यमंत्री थे. वहीं, साल 2012 में जब वह पांचवीं बार मुख्यमंत्री बने तो वह देश के सबसे उम्रदराज मुख्यमंत्री थे और अब 2022 के चुनावी मैदान में उतरे तो सबसे ज्यादा उम्र के प्रत्याशी हैं.
पंजाब की सियासत के बेताज बादशाह कहे जाने वाले शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल (Prakash Singh Badal) अपनी परंपरागत लांबी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. इस जानकारी को पढ़कर आपको लग रहा होगा कि इसमें आखिर खास बात क्या है? विधानसभा चुनाव में तो राजनीतिक दलों के उम्मीदवार उतरेंगे ही. लेकिन पंजाब के इस वयोवृद्ध उम्मीदवार की खास बात यह है कि वह 94 साल की उम्र में भी सियासी अखाड़े में ताल ठोक रहे हैं और वो भी 11वीं बार. एक ही सीट मुक्तसर जिले की लांबी विधानसभा से बादल 1997 से लगातार 5 चुनाव जीत रहे हैं.

2002 का वह दिन था. पश्चिम एशिया के सात देशों के सात राजदूत दिल्ली में संघ के मुख्यालय 'केशव कुंज' में केएस सुदर्शन के साथ वार्त्तालाप करने के लिए उपस्थित थे. सभी राजदूत संघ प्रमुख केएस सुदर्शन की बातें सुनने के लिए दो घंटे तक जमीन पर बैठे रहे. इस चर्चा में के एस सुदर्शन ने भारत की हजारों वर्षों की समावेशी परंपरा से मुस्लिम देशों के राजदूतों को अवगत कराया. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है यही कहानी.

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रिटायर्ड एसबीआई निदेशक राजकुमार मेहता को उनका बेटा युवराज फोन करता है 'मुझे बचा लीजिए, मैं डूब जाऊंगा… मेरी कार नाले में गिर गई है.' आधे घंटे बाद पिता घटना स्थल पर पहुंचते हैं. पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ के 80 कर्मचारी मौजूद होने के बावजूद संसाधनों की कमी और जोखिम के डर के चलते कोई पानी में नहीं उतरता. निक्कमे सिस्टम और बेबस पिता के सामने ही युवराज तड़प-तड़प कर दम तोड़ देता है.










